अब यह है नया गणित
शहरी विकास मंत्रालय ने कहा है कि उनकी ओर से दिए जा रहे 500 करोड़ रुपये को ही केंद्र सरकार का 90 प्रतिशत हिस्सा माना जाए। राज्य सरकार से कहा गया कि वह दस प्रतिशत यानी 50 करोड़ रुपये रुपए दे। इस लिहाज से प्रोजक्ट का कुल बजट 550 करोड़ ही रह गया। करीब 394 करोड़ रुपये केंद्र सरकार से मिल चुके हैं। करीब 96 करोड़ रुपये मिलने बाकी हैं।
केंद्र सरकार की ओर से जारी नए आदेश के तहत अब शहरी विकास मंत्रालय 500 करोड़ रुपये स्मार्ट सिटी को देगा जबकि 50 करोड़ रुपये राज्य सरकार की ओर से दिए जाएंगे। -गिरीश पुंडीर, एजीएम अधिप्राप्ति, स्मार्ट सिटी लि.
स्मार्ट सिटी के लिए केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन प्राप्त हुई है, इसमें 90:10 के फार्मूले से केंद्र और राज्य सरकार बजट वहन करेंगी, देहरादून में पहले ही कुल बजट के अनुसार कार्य आवंटित किए जा चुके हैं, केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय से पत्राचार किया गया है कि बजट की पुरानी व्यवस्था को अमल में लाया जाए, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार बराबर का बजट वहन कर रही थीं। -सोनिका, सीईओ, देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजना
प्रमुख प्रोजेक्ट : 24
पूरे हुए प्रोजेक्ट - 13
अधूरे प्रोजेक्ट - 11
65 फीसदी काम पूरा
ये काम हो चुके
स्मार्ट स्कूल, वाटर एटीएम, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, ई-कलक्ट्रेट, सिटीजन आउटरीच, पैडिस्ट्रियन क्रॉस-स्मार्ट बस स्टॉपेज, इंडिकेटिव क्रॉस, कमांड सेंटर
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यह कार्य प्रगति में
वाटर मैनेजमेंट (स्काडा) सीवरेज लाइन, स्मार्ट टॉयलेट, दून लाइब्रेरी, पेयजल आपूर्ति, पलटन बाजार सौंदर्यीकरण, इलेक्ट्रिक बस, स्मार्ट पोल, ड्रेनेज सिस्टम, स्मार्ट वाटर मीटर, वर्षा जल निकासी, मल्टीयूटीलिटी डक्ट, पेयजल लाइन, स्मार्ट रोड, ग्रीन बिल्डिंग