यूपीसीएल की बोर्ड बैठक में विद्युत टैरिफ के प्रस्ताव पर अंतिम फैसला नहीं हो पाया है। हालांकि, बोर्ड ने सालाना संभावित खर्च का लेखाजोखा तैयार कर लिया है। इस पर अब उत्तराखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के समक्ष प्रस्तुति दी जाएगी। आयोग की संस्तुति पर प्रस्ताव में जरूरी संशोधन किये जाएंगे। इसके बाद अंतिम टैरिफ निर्धारण के लिए प्रस्ताव आयोग के पास भेजा जाएगा।
शुक्रवार को ऊर्जा भवन में आयोजित उत्तराखंड विद्युत पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) की बोर्ड बैठक का मुख्य मुद्दा वर्ष 2016-17 के लिए विद्युत दरों का प्रस्ताव रहा। यूपीसीएल बोर्ड से प्रस्ताव पारित कर जल्द से जल्द उत्तराखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग को भेजना चाहता है।
20 से 25 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव
बताया जा रहा है कि टैरिफ में 20 से 25 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। फिलहाल, बोर्ड में इस पर आम सहमति नहीं बन पाई। बैठक में आगामी तीन साल के संभावित लेखाजोखा पर भी चर्चा हुई। कैग की रिपोर्ट में दर्ज टिप्पणियों के भी जवाब दर्ज किए गए।
पॉवर ट्रांसमिशन कारपोरेशन आफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) की बोर्ड बैठक में भी पिछले साल का लेखाजोखा और अगले साल के संभावित खर्च पर चर्चा हुई।
आयोग को भेजा जाएगा प्रस्ताव
यूपीसीएल और पिटकुल के एमडी एसएस यादव ने बताया कि संभावित खर्च और लेखाजोखा को जल्द ही नियामक आयोग के समक्ष प्रस्तुतीकरण दिया जाएगा। उसके बाद टैरिफ का फाइनल प्रस्ताव स्वीकृति के लिए आयोग को भेजा जाएगा। बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ. उमाकांत पंवार, बोर्ड के निदेशक जीएल बजाज, एनएम पंत, यूपीसीएल के एमडी एसएस यादव, यूजेवीएनएल के एमडी एसएन वर्मा, यूपीसीएल के कंपनी सचिव राशिद जिलानी मलिक आदि शामिल हुए।