तीन मेगावाट बिजली बैटरी में कैद करने का ट्रायल
यूजेवीएनएल अपने तीन पावर प्रोजेक्ट पर तीन मेगावाट बिजली बैटरी स्टोरेज के लिए सिस्टम लगाने जा रहा है। तिलोथ, खटीमा और ढकरानी में 0.8 मेगावाट क्षमता के तीन बैटरी स्टोरेज सिस्टम ट्रायल के तौर पर लगाए जा रहे हैं। इनकी सफलता के बाद राज्य के अन्य पावर प्रोजेक्ट पर भी ये सिस्टम लगाकर बिजली बैंक की जाएगी, जो पीक आवर में इस्तेमाल हो सकेगी।
ग्रीन हाइड्रोजन का पहला प्लांट लगेगा
राज्य में यूजेवीएनएल और टीएचडीसी मिलकर ग्रीन हाइड्रोजन का पहला प्लांट लगाने जा रहे हैं। यह प्लांट मोहम्मदपुर स्थित जल विद्युत परियोजना पर लगाया जा रहा है। इस पर करीब 30 से 40 करोड़ खर्च आएगा। इससे जहां प्रदूषण घटेगा तो वहीं पानी से पैदा होने वाली ग्रीन हाइड्रोजन उद्योगों को बेचकर राज्य को राजस्व की प्राप्ति भी होगी।
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यूजेवीएनएल की ओर से विद्युत उत्पादन बढ़ाने के लिए कई नई पहल की जा रही है। इन पर काम काफी आगे बढ़ चुका है। आने वाले समय में यह काफी लाभकारी साबित होने वाली हैं। बिजली उत्पादन में बढ़ोतरी से भी राहत मिलेगी। - डॉ. संदीप सिंघल, एमडी, यूजेवीएनएल