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देहरादून: हर साल पांच फीसदी बढ़ रही बिजली की खपत, महीने में खर्च हो रही 90 मिलियन यूनिट 

Sat, 28 Dec 2019 10:08 AM IST
अलका त्यागी हरीश कंडारी, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • दून में वर्तमान में पहुंच चुकी है 1017 एमयू से अधिक की खपत
  • प्रतिमाह 67.30 करोड़ की बिजली इस्तेमाल रहे हैं दूनवासी
     
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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दून में बिजली की खपत तेजी से बढ़ रही है। ऊर्जा निगम के आंकड़ों पर गौर करें तो हर साल दून में पांच प्रतिशत की बिजली खपत बढ़ रही है। शहरी क्षेत्र में प्रतिमाह 90 मिलियन यूनिट बिजली खर्च हो रही है। ग्रामीणों क्षेत्रों में 60 मिलियन यूनिट की खपत हो रही है। राजस्व के हिसाब से देखा जाए तो ऊर्जा निगम दूनवासियों से बिजली के एवज में प्रतिमाह 67.30 करोड़ का राजस्व वसूल रहा है। यानि की दूनवासी प्रत्येक माह67.30 करोड़ रुपये की बिजली इस्तेमाल कर रहे हैं।

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राजधानी बनने के बाद दून का न केवल विस्तार हुआ, बल्कि यहां व्यावसायिक गतिविधियों के साथ ही लोगों का लिविंग स्टेट्स भी बढ़ा है। लिहाजा अब दूनवासी अन्य चीजों की तरह ही बिजली का इस्तेमाल भी ज्यादा कर रहे हैं। खासकर शहरी क्षेत्रों में बिजली की खपत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसकी तस्दीक ऊर्जा निगम के आंकड़े कर रहे हैं। वर्ष 2015-2016 में जहां दून के शहरी क्षेत्र में औसतन 933 एमयू बिजली की खपत थी। वहीं यह बढ़कर वर्ष 2018-2019 में 1017 एमयू से ऊपर पहुंच चुकी है। यानि की हर साल करीब पांच फीसद बढ़ोतरी हो रही है। 
इस प्रकार बढ़ रही बिजली की खपत

वर्ष,     बिजली खपत
2015-16-933 एमयू 
2016-17-966 एमयू
2017-18-994 एमयू 
2018-19-1017 एमयू

प्रतिमाह बिजली की खपत
शहरी क्षेत्र- 90 एमयू प्रतिमाह
रायपुर डिवीजन-18 एमयू प्रतिमाह
मोहनपुर डिवीजन-40 एमयू प्रतिमाह

राजस्व मिल रहा
शहरी क्षेत्र नार्थ, साउथ व सेंटर : 40 करोड़ रुपये
रायपुर डिवीजन : 7.30 करोड़ रुपये
मोहनपुर डिवीजन : 20 करोड़ रुपये

उपभोक्ता
नार्थ डिवीजन- 49126
साउथ डिवीजन-86532
सेंट्रल डिवीजन-72195
रायपुर डिवीजन-50000
मोहनपुर डिवीजन-60000

राजधानी बनने के बाद से दून में बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है। इसमें हर साल औसतन करीब पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसका प्रमुख कारण उपभोक्ताओं की संख्या में वृद्धि तो है ही साथ ही यहां व्यावयायिक गतिविधियां भी बढ़ी हैं। इसके कारण लगातार खपत में बढ़ोतरी हो रही है।
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-शैलेंद्र सिंह, अधीक्षण अभियंता, दून 

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