देहरादून। राज्य में हर साल बिजली की खपत बढ़ रही है। ऊर्जा निगम के अनुसार राज्य में ओवरऑल हर साल तीन प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की गई। जबकि घरेलू खपत में छह प्रतिशत की बढ़ोतरी हो रही है। पिछले साल के अपेक्षा छोटी औद्योगिक इकाइयों में बिजली की डिमांड बढ़ी है, लेकिन बड़ी औद्योगिक इकाईयों में करीब सौ एमयू (मिलियन यूनिट) बिजली की खपत घट गई है।
बड़ी औद्योगिक इकाइयों में बिजली खपत कम होने का कारण मंदी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि इसका कारण बड़े औद्योगिक इकाईयों की ओर से दूसरे माध्यमों से सस्ती बिजली खरीद को भी माना जा रहा है। कुल मिलाकर जहां घरेलू खपत में साल-दर-साल बढ़ोतरी हो रही है, वहीं औद्योगिक इकाइयों में डिमांड कम होती जा रही है। जो ऊर्जा निगम के लिए भी चिंता का विषय है।
बता दें, राज्य में बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है। ऊर्जा निगम के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो वर्ष 2016-17 में कुल मांग 13080.91 मिलियन यूनिट थी। वर्ष 2018-19 में बढ़कर 19842 मिलियन यूनिट हो गई है। ओवरऑल राज्य में हर साल तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी हो रही है। वहीं घरेलू खपत में छह प्रतिशत की बढ़ोतरी हो रही है। इसके विपरीत औद्योगिक इकाइयों में डिमांड बढ़ने की बजाए लगातार कम होती जा रही है। ऊर्जा निगम के अनुसार बड़ी इंडस्ट्री जिनमें एक हजार केवीए से ऊपर के कनेक्शन हैं, वहां वर्ष 2018 में डिमांड 2400 एमयू से अधिक थी, जो वर्ष 2019 में 2393 के करीब पहुंच चुकी है। इसी प्रकार से एक हजार के वीए से नीचे के कनेक्शन वाले इंडस्ट्री में यह आंकड़ा वर्ष 2018 में 796 एमयू थी, वहीं अब 817 एमयू हो गई है।
तीन वर्षों में यह रही उपलब्धता और डिमांड
वर्ष उपलब्धता कुल मांग
2017-18 11923.00 13455.00
2018-19 11158.00 13842.00
इंडस्ट्री में विगत दो वर्षों में डिमांड
एचटी इंडस्ट्री 2019- 1000 केवीए से ऊपर-2393 एमयू
वर्ष 2018 में -1000 केवीए से ऊपर 2400 एमयू
एचटी इंडस्ट्री 1000 केवीए से नीचे 2019- 817 एमयू
एचटी इंडस्ट्री1000 के वीए से नीचे 2018-796
एलटी इंडस्ट्री 2019- 156 एमयू
एलटी इंडस्ट्री 2018-146 एमयू
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राज्य में बिजली की डिमांड हर साल बढ़ रही है। खासकर घरेलू क्षेत्र में। इंडस्ट्री में भी बड़ी इंडस्ट्रियों में डिमांड घटी है, लेकिन छोटी इंडस्ट्री में डिमांड में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। यह बढ़ोतरी सामान्य है। इसके पीछे कुछ इंडस्ट्री में उत्पादन में कमी हो सकती है।
-अतुल अग्रवाल, निदेशक परिचालन
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औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली की कमी का मुख्य कारण मंदी नहीं बल्कि इंडस्ट्रियों की ओर से बाहर से सस्ती बिजली खरीदने के साथ ही जनरेटर, सोलर प्लांट आदि का इस्तेमाल करना है। फिलहाल उत्तराखंड में मंदी का कोई असर नहीं है।
-पंकज गुप्ता, अध्यक्ष, इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड