आपदा से प्रभावित हो चुके केदारघाटी के होटल और ढाबा संचालकों को प्रदेश शासन ने बड़ी राहत दी है। शासन ने जिले में तिलवाड़ा से ऊपर यात्रा मार्ग पर स्थित बाजारों में निर्मित होटल, लॉज, धर्मशाला, रेस्टोरेंट और ढाबों का बिजली बिल तीन साल के लिए माफ कर दिया है। तिलवाड़ा से ऊपर लगभग 224 व्यवसायियों को इसका लाभ मिलेगा।
नहीं माफ हुए था होटलों के बिल
पिछले साल जून माह में आई आपदा के बाद शासन ने सिर्फ उन्हीं परिवारों का बिजली बिल माफ किया था, जिनका कुछ न कुछ नुकसान हुआ था। यह छूट मार्च 2014 तक मिली थी। वहीं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों का बिल माफ नहीं हुआ था।
यात्रियों की कमी के कारण होटल, लॉज, रेस्टोरेंट, धर्मशालाएं और ढाबा संचालकों के सामने रोजी-रोटी का सवाल खड़ा हो गया है।
ऊर्जा निगम भरेगा बिल
कई होटल संचालकों ने इस साल यात्रा सीजन में ताले ही नहीं खोले। ऐसे में उनको बैंकों का ऋण और बिजली का बिल देना भारी पड़ रहा है।
होटल-लॉज व्यवसायियों की वित्तीय हालात देखकर सरकार ने बिजली का बिल माफ करने का निर्णय लिया है। अगले तीन सालों तक प्रदेश शासन का आपदा प्रबंधन विभाग ऊर्जा निगम को बिजली बिल का भुगतान करेगा।