लोकसभा चुनाव अप्रैल-मई में नई जिंदगी शुरू करने जा रहे युवाओं की पेशानी पर बल डाल रहे हैं।
एक हजार वाहन चुनाव ड्यूटी पर
चुनाव के लिए परिवहन विभाग इन दिनों वाहनों का अधिग्रहण कर रहा है। दून जिले में एक हजार वाहन चुनाव ड्यूटी पर लगेंगे।
इससे अप्रैल-मई में शादी की तैयारी में जुटे लोगों को बारात के लिए वाहनों की कमी की चिंता सता रही है। ऐसे में शादी वाले घरों में अभी से वाहनों की बुकिंग शुरू कर दी गई है।
हालांकि, परिवहन विभाग का दावा है कि वाहनों की कोई कमी नहीं रहेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने परिवहन विभाग को जिले में एक हजार वाहन अधिग्रहीत करने का निर्देश दिया है।
अप्रैल पहले सप्ताह से अधिग्रहण शुरू हो जाएगा। इनमें छोटे वाहनों समेत बसें भी शामिल होंगी। शादियों में बारात ले जाने के लिए बसों का ही इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में बसों की कमी बारातियों के अरमान पर पानी फेर सकती है।
शादियों के लिए अभी से वाहनों की बुकिंग
कंफर्ट टूर एंड ट्रैवल्स के संचालक राजीव वर्मा ने बताया कि अप्रैल-मई की शादियों के लिए अभी से वाहनों की बुकिंग शुरू हो गई है। बताया कि जो वाहन बुक हो रहे हैं, उनकी जानकारी परिवहन विभाग को दी जा रही है।
उधर, एआरटीओ संदीप सैनी का कहना है कि लोगों को परेशान नहीं होना चाहिए। बताया कि सिर्फ 1000 वाहन अधिग्रहीत किए जाएंगे, जबकि जिले में वाहनों की काफी बड़ी संख्या है।
इसके अलावा अधिग्रहीत किए जाने वाले वाहनों में सरकारी वाहन भी शामिल हैं। ऐसे में लोगों को आसानी से वाहनों की बुकिंग मिल जाएगी।
चारधाम यात्रा पर भी पड़ेगा असर
चारधाम यात्रा के शुरुआती दिनों में भी लोकसभा चुनाव का असर दिखेगा। यात्रा चार मई से शुरू होगी, जबकि सात मई को लोकसभा चुनाव है।
चुनाव के बाद मतगणना और इसके बाद अधिकारियों-कर्मचारियों को छोड़ने तक वाहन प्रशासन के कब्जे में रहते हैं। हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून और अन्य पहाड़ी जिलों में टैक्सी और बसें चुनाव ड्यूटी में रहेंगे।
ऐसे में यात्रियों को तो दिक्कत होगी ही, साथ ही धार्मिक पर्यटन पर भी असर पड़ सकता है।