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‘छोटे बहुगुणा’ को भेदना होगा भाजपा का चक्रव्यूह

Sun, 27 Apr 2014 04:08 PM IST
अरुणेश पठानिया/ अमर उजाला, देहरादून
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टिहरी सीट ‘छोटे बहुगुणा’ (साकेत) को घेरने के लिए भाजपा ने सारे घोड़े खोल दिए हैं।
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गढ़वाल की अन्य दो सीट पौड़ी व हरिद्वार पूर्व मुख्यमंत्रियों के भरोसे है। जबकि टिहरी में पार्टी की स्टेट लीडरशिप ने कमान संभाल रखी है।

भाजपा प्रत्याशी को ऊर्जा देगी मोदी की रैली
कांग्रेस प्रत्याशी को घेरने के लिए उनके पिता विजय बहुगुणा की सरकार के दो वर्ष के कामकाज को जनता के सामने रखा जाएगा। दूसरी तरफ, 29 अप्रैल को मोदी की रैली भाजपा प्रत्याशी को ऊर्जा देने का काम करेगी।

टिहरी में दोनों ही दलों का चुनाव का फोकस विजय बहुगुणा की सरकार में लिए गए अच्छे बुरे फैसलों के इर्द-गिर्द लड़ा जा रहा है।

जबकि भाजपा प्रत्याशी माला राज्य लक्ष्मी शाह पर हमला करने के लिए कांग्रेस के पास उनकी जनता में निष्क्रियता के अलावा कोई हथियार नहीं है। हालांकि कांग्रेस की भाजपा के बागियों पर भी निगाह लगी है।
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इसलिए अब देखना यही है कि साकेत अपने तरकश से ऐसा कौन सा तीर निकालते हैं जो कि रानी के सियासी तिलिस्म को भेद सके। हरिद्वार और पौड़ी में कांग्रेस भाजपा कार्यकाल के कई गड़े मुर्दे उखाड़ कर हमला कर रही है।

ढैंचा बीज, एनआरएचएम, कुंभ जैसे मुद्दे कांग्रेस ने खोले पर इसका उतना असर टिहरी में नहीं दिख रहा है। खंडूड़ी और निशंक सरकार के खिलाफ कांग्रेस का यह हमला टिहरी में प्रभावी नहीं दिखता।

इसके विपरीत टिहरी में पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की टिहरी विस्थापितों के लिए भूमि आवंटन का मामला जरूर गर्मा सकता है।

उत्तरकाशी की आपदा पर जहां भाजपा बहुगुणा सरकार को घेर रही है वहीं 2010 में आई आपदा के लिए कांग्रेस भी भाजपा को कटघरे में खड़ा करने में लगी हुई है।

मोदी रैली का कैसे मिलेगा तोड़
टिहरी संसदीय सीट के लगभग 12 लाख मतदाताओं से साढ़े सात लाख मैदानी सीटों पर हैं, जिनके लिए भाजपा और कांग्रेस जमकर पसीना बहा रही है।

नरेंद्र मोदी की 29 अप्रैल को विकासनगर विधानसभा सीट पर मोदी की रैली कांग्रेस के लिए अच्छी खबर नहीं है। उधर, सोनिया या राहुल गांधी की इस संसदीय सीट पर कोई रैली अभी तक प्रस्तावित नहीं है।
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मोदी की रैली के लिए भाजपा ने विकासनगर को रणनीति के हिसाब से चुना है जो मैदान और पहाड़ी क्षेत्र की एक तरह से सीमा है।

संसदीय सीट पर पहले ही मोदी के नाम पर वोट मांग रही भाजपा को उम्मीद है कि मोदी रैली के बाद लहर  और तेज होगी। हालांकि 30 अप्रैल के बाद रीता बहुगुणा टिहरी में प्रचार के लिए पहुंचेंगी।
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