उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने भाजपा-कांग्रेस का नाम लिए बिना पिछले 13 साल में उत्तराखंड में राज करने वाले इन दोनों प्रमुख दलों पर तीखा हमला बोला है।
पुष्पेश ने कहा कि राज्य बनने के बाद पहाड़ के गांवों से पलायन नहीं रुका। गांवों की आबादी तो घटती चली गई, लेकिन प्रदेश में मुख्यमंत्रियों, बंदरों और सुअरों की बाढ़ आ गई है।
अब तक सात मुख्यमंत्री बदल चुके हैं। यह ठीक उसी तरह है जिस तरह गांवों में सुअरों बंदरों की तादाद बढ़ रही है।
पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को लेकर यहां के लोगों ने जो सपना देखा था, उसे सत्ता में आने वालों ने मटियामेट कर दिया।
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आज राज्य को कुशल नेतृत्व की जरूरत है और इस जरूरत को समझते हुए जनता को अपना विकल्प चुनना होगा। राज्य में विकास की गति जनता जानती है।
पलायन से हमारे गांव उजड़ गए हैं, लेकिन मुख्यमंत्रियों को बदलने का खेल रुक नहीं रहा। सत्ता का लालच इस कदर हावी है कि एक के बाद एक मुख्यमंत्रियों के नए-नए चेहरे जनता को देखने को मिल रहे हैं।
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पुष्पेश ने अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ संसदीय सीट से उक्रांद (ऐरी) प्रत्याशी वंशीराम कोहली को असल राज्य आंदोलनकारी बताते हुए सबसे योग्य उम्मीदवार बताया।
उन्होंने कहा कि श्री कोहली राज्य आंदोलन के दौरान आठ दिन जेल में भी रहे। श्री त्रिपाठी ने बेराजगारी और संसाधनों के अभाव में हो रहे पलायन पर चिंता जताते हुए इसके स्थाई समाधान की जरूरत बताई।