वोट डालने के मामले में ग्रामीणों ने पढ़े-लिखों को पीछे छोड़ दिया है। कम से कम साल 2009 और 2012 में हुए चुनावों के आंकड़े तो यही कहते हैं।
पॉश इलाके के लोग वोटिंग के लोग सबसे सुस्त
स्वीप संस्था की ओर से देहरादून में कराए गए सर्वे में सामने आया है कि राजपुर रोड से पॉश इलाके के लोग वोटिंग के मामले में सबसे सुस्त रहे हैं।
स्वीप के असिस्टेंट नोडल अधिकारी सुनील निगम ने बताया कि गांव के लोग वोट के लिए जागरूक हैं, जबकि शहरों के लोग मतदान दिवस को छुट्टी का दिन समझते हैं। वे वोट के बजाय मनोरंजन को महत्व देते हैं।
यही वजह है कि वे ग्रामीणों की तुलना में कम वोट डालते हैं। यह आकंडे़ गंभीर हैं, इसे देखते हुए ही इस बार शहरी क्षेत्रों में स्वीप मतदान जागरूकता अभियान चला रही है।
सांसद से ज्यादा विधायक चुनने में रुझान
आंकड़ों के मुताबिक लोगों ने सांसद से ज्यादा रुचि विधायक चुनने में दिखाते हैं। वर्ष 2009 के आम चुनाव के मुकाबले विधानसभा चुनावों में 14.40 फीसदी अधिक वोटिंग हुई।
इन चुनाव में जहां 67.16 फीसदी मत डाले गए, वहीं आम चुनावों में 52.76 फीसदी ने ही वोटिंग की।
वोटिंग में अंतर
विस वर्ष 2012 - लोस वर्ष 2009
ग्रामीण क्षेत्रों में मत प्रतिशत - इन ग्रामीण क्षेत्रों में मत प्रतिशत - कुल मतदान प्रतिशत में अंतर
चकराता-75.02 प्रतिशत - 53.93 प्रतिशत - 21.31 प्रतिशत
विकासनगर-72.50 प्रतिशत - 58.24 प्रतिशत - 14.26 प्रतिशत
सहसपुर- 75.16प्रतिशत - 57.95 प्रतिशत - 17.21 प्रतिशत
डोईवाला- 70.98 प्रतिशत - 54.47 प्रतिशत - 16.51 प्रतिशत
रायपुर- 63.86 प्रतिशत - 49.22 प्रतिशत - 12.50 प्रतिशत
शहरी क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत - इन शहरी क्षेत्रों में प्रतिशत - कुल मतदान प्रतिशत में अंतर
धर्मपुर- 62.33 प्रतिशत - 49.74 प्रतिशत - 12.60 प्रतिशत
राजपुर रोड- 60.94 प्रतिशत - 49.22 प्रतिशत - 11.72 प्रतिशत
देहरादून (कैंट)- 61.72 प्रतिशत - 51.37 प्रतिशत - 10.35 प्रतिशत
ऋषिकेश- 67.96 प्रतिशत - 51.54 प्रतिशत - 16.42 प्रतिशत
मसूरी- 62.67 प्रतिशत - 51.06 प्रतिशत - 11.61 प्रतिशत
कुल मतदान- 67.16 प्रतिशत - 52.16 प्रतिशत - 14.40 प्रतिशत