तीस दिन के अंदर-अंदर चुनाव खर्च जमा न कराने वाले प्रत्याशियों पर इस बार आयोग की सख्त चाबुक की मार होगी।
आयुक्त के साफ आदेश हैं कि ऐसे प्रत्याशियों का निर्वाचन तुरंत ही रद्द कर दिया जाए। मतलब यह कि जीते हुए प्रत्याशियों को हर हाल में जुलाई अंत तक चुनाव खर्च का ब्यौरा देना होगा।
आयोग इस बार करीब 219 लोगों के नामांकन 2008 के पंचायत चुनाव का ब्यौरा उपलब्ध न कराने पर रद्द कर चुका है। 2008 के चुनाव के ही करीब 14 हजार प्रत्याशियों के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है।
बराबर वोट पड़े तो परची से होगी जीत तय
राज्य निर्वाचन आयुक्त सुवर्द्धन के मुताबिक बराबर वोट मिलने की स्थिति में परची के जरिए विजेता उम्मीदवार का चयन किया जाएगा।
रिपोर्ट न भेजने वालों पर कार्यवाही
राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत मतदान केदौरान विवाद की जानकारी आयेाग को न देने पर गहरी नाराजगी जताई है। आयुक्त ने पुलिस और जिला प्रशासन के संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही का निर्देश दिया है।
आयोग का कहना है कि मतदान के दौरान किसी भी तरह के विवाद की सूचना देने की जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्र में गठित संयुक्त टीम की थी पर आयोग को कुछ मामलों की जानकारी अभी तक नहीं मिली है।