हाइकोर्ट ने विधानसभा चुनाव में ईवीएम में गड़बड़ी के मामले में चुनाव आयोग की ओर से दायर संशोधित अर्जी पर सुनवाई के बाद याचिकाकर्ताओं को आपत्ति दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है।
बता दें कि पूर्व में राजपुर देहरादून, रायपुर, मसूरी, प्रतापनगर टिहरी, बीएचईएल रानीपुर व हरिद्वार विधानसभा सीटों की ईवीएम को 48 घंटे के भीतर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अतिरिक्त मुहर लगाने के निर्देश दिए थे।
साथ ही कोर्ट ने विजय प्रत्याशी खजानदास, आदेश कुमार चौहान, उमेश शर्मा काऊ, गणेश जोशी, विजय सिंह पवार,यतीश्वरानंद सहित राज्य निर्वाचन आयोग, भारतीय निर्वाचन आयोग, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, संबंधित जनपद के चुनाव अधिकारी, रिटर्निंग अधिकारी को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए थे।
याचिकाकर्ता ने ईवीएम सीज करने के लिए ये दी थी दलील
EVM
मामले के अनुसार राजपुर देहरादून निवासी रामकुमार, रायपुर निवासी प्रभुलाल बहुगुणा, मसूरी निवासी गोदावरी थापली, प्रतापनगर टिहरी निवासी विक्रम सिंह नेगी, बीएचईएल रानीपुर निवासी अमरीश कुमार व हरिद्वार निवासी चरण सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में ईवीएम में गड़बड़ी की गई है।
याचिका में कहा कि मतदाताओं के दो-दो वोटर लिस्ट में नाम हैं। इसलिए ईवीएम सीज कर दी जाए या कोर्ट में मशीनों को मंगा लिया जाए। इस प्रकरण पर चुनाव आयोग भारत सरकार की ओर से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर बताया गया था कि ईवीएम कंट्रोल रूम में हैं, जिनका रखरखाव राज्य सरकार कर रही है।
शुक्रवार को न्यायमूर्ति सर्वेश कुमार गुप्ता की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई के दौरान आयोग के अधिवक्ता ने संशोधित अर्जी दायर कर कोर्ट को बताया कि पूर्व तिथि में सुनवाई के दौरान भूलवश राज्य सरकार रिकार्ड हो गया था, जबकि ईवीएम का रखरखाव जिला निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से किया जा रहा है। अत: राज्य सरकार की जगह निर्वाचन आयोग ही पढ़ा जाए।