देहरादून के प्रेमधाम आश्रम में अपनों से दूर हो चुके बुजुर्गों को कुछ पल हंसने, खिलखिलाने का मौका दिया। बुधवार को महिला संगठन की ओर से आयोजित श्रद्धा पर्व के दौरान जब सम्मान मिला तो बुजुर्गों की आंखों से आंसू छलक उठे।
महात्मा गांधी के किस्से सुनाए
बुधवार को डालनवाला स्थित आश्रम में आयोजित पर्वपर नेत्रहीन महिला पुष्पा ने महात्मा गांधी के किस्से सुनाए। बताया कि एक बार गांधी जी अचानक एक बैठक से उठकर चले गए। लौटे तो बताया कि पिछले दिन एक बकरी घायल हो गई थी, दर्द से वह पुकार रही थी। गांधी ने कहा कि वह उस बकरी का दूध पीते हैं तो वह उनकी मां है।
ऐसे में उसकी सेवा करना उनका धर्म है। रॉय ने चुटकुले सुनाकर सबको खूब गुदगुदाया। हरीश जौहर ने ये तो सच है कि भगवान है, गीत गाकर सबका मन मोह लिया। समिति की संयोजिका सीमा जौहर ने कहा कि हमें अपने माता-पिता के लिए समय अवश्य निकालना चाहिए।
महिला समिति ने बुजुर्गों को एक-एक बेडशीट, तकिया कवर, आंवला कैंडी के डिब्बे दिए। भावुक हुए बुजुर्ग बोले, कोई तो हमें पूछने आया। इस मौके पर भारतीय स्टेट बैंक के संजीव चांदना, गुरिंद्र, कुसुम, स्वीटी, संगीता, लक्ष्मी आदि उपस्थित रहे।
बुजुर्गों को किया सम्मानित
विश्व जागृति मिशन ने ‘मातृ-पितृ कृतज्ञता दिवस’ मनाया। वीडियो सत्संग में सुधांशु महाराज ने कहा कि गणेशजी और श्रवण कुमार से माता-पिता के प्रति सेवा से प्रेरणा लेनी चाहिए। सुखदेव मुनि महाराज, प्रेम सागर मल्होत्रा, सतीश अरोड़ा, नरेश चंद्र, सरला खत्री, सरस्वती देवी, प्रेमवती, गोमती देवी, हरि भगवान, सावित्री, राजकुमारी को शाल ओढ़ाया गया।
भजन गायक तजेंद्र हरजाई और भूपेंद्र चड्डा ने ‘हर बात को तुम भूलो, मगर मां-बाप को मत भूलना’ भजन गाया। सुधीर शर्मा, नवीन विग, अमरनाथ आहूजा, मगन सिंह, रजनीश गुप्ता, कैलाश जायसवाल आदि उपस्थित रहे।
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