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Heli Service: बुजुर्ग और बच्चे भी कर सकेंगे आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन, इस दिन से शुरू होगी हेली सेवा

Mon, 07 Oct 2024 08:03 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, जौलीग्रांट (देहरादून)

सार

जौलीग्रांट हेलिपैड से बदरी-केदार दो धामों के लिए उड़ान भरने वाली हेली कंपनी रुद्राक्ष एविएशन 15 नवंबर से पिथौरागढ़ के नैनी सैनी हवाई अड्डे से भगवान शिव के निवास स्थान आदि कैलाश और ओम पर्वत के लिए हवाई दर्शन सेवा शुरू करने जा रही है।
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जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचा हेलिकॉप्टर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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15 नवंबर से पिथौरागढ़ के नैनी सैनी एयरपोर्ट से प्रस्तावित हेलिकॉप्टर सेवा में बुजुर्ग और बच्चे भी आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन कर सकेंगे। इसके लिए कंपनी ने लगभग एक हफ्ते का सफल ट्रायल पूरा कर लिया है।

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जौलीग्रांट हेलिपैड से बदरी-केदार दो धामों के लिए उड़ान भरने वाली हेली कंपनी रुद्राक्ष एविएशन 15 नवंबर से पिथौरागढ़ के नैनी सैनी हवाई अड्डे से भगवान शिव के निवास स्थान आदि कैलाश और ओम पर्वत के लिए हवाई दर्शन सेवा शुरू करने जा रही है। यात्रा में बुजुर्गों के अलावा बच्चे भी भगवान शिव के निवास स्थान के दर्शन कर सकेंगे।

हवाई यात्रा लगभग दो घंटे की होगी। नैनी सैनी एयरपोर्ट से एमआई 17 हेलिकॉप्टर सुबह करीब साढ़े आठ बजे 18 यात्रियों को लेकर उड़ान भरेगा और यह दिन में एक ही फेरा लगाएगा। हेलिकॉप्टर सेवा 15 नवंबर से फरवरी तक संचालित की जाएगी। हेलिकॉप्टर में यात्रा करने वाले सभी यात्रियों को ऑक्सीजन मास्क लगाना होगा।
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साथ ही मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट देना अनिवार्य होगा। यात्रा की बुकिंग ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से होगी। फिलहाल संबंधित कंपनी ने पर्यटन विभाग और सरकार को यात्रा के संबंध में पूरा शेड्यूल बनाकर दे दिया है।

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ऊपर से ही कराए जाएंगे दर्शन
रुद्राक्ष एविएशन का हेलिकॉप्टर श्रद्धालुओं को दोनों पर्वतों के दर्शन ऊपर से ही कराएगा। ओम पर्वत की ऊंचाई करीब 5,590 मीटर और आदि कैलाश की ऊंचाई करीब 6,638 मीटर है। इस अति दुर्गम पहाड़ में कई मैगनेटिक फील्ड बताए जाते हैं, जिससे यहां चढ़ाई कर यात्रा को काफी कठिन माना जाता है।

आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा ऊपर से ही कराई जाएगी, जिसमें बुजुर्ग भी जा सकेंगे। सभी श्रद्धालुओं को मेडिकल फिटनेस देना होगा। यात्रा में करीब सवा दो घंटे का समय लगेगा।
- पीके छाबरी, प्रबंधक, रुद्राक्ष एविएशन
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