उत्तराखंड में मेडिकल पीजी कोर्स ठगी मामले में सवालों से घिरे स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) पर आखिरकार कार्रवाई की गाज गिर गई।
देहरादून एसएसपी पुष्पक ज्योति ने प्रभारी रवींद्र यादव समेत आठ पुलिस वालों को हटाकर यातायात पुलिस कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। सभी को यातायात व्यवस्था सुधारने में लगाया जाएगा। उधर, डीजीपी के आदेश पर आईपीएस सदानंद दाते की जांच रिपोर्ट अब तक नहीं आ सकी है।
मेडिकल पीजी कोर्स ठगी में सक्रिय गिरोह पर कार्रवाई को लेकर एसओजी की भूमिका पर सवाल उठे थे। आरोप है कि गिरोह की धरपकड़ के दौरान बरामद हुए 13 लाख रुपए बिना लिखापढ़ी के पुलिस को लौटा दिए गए थे। हालांकि प्रभारी समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने इसे सिरे से खारिज कर दिया था।
इसके बावजूद पुलिस महानिदेशक बीएस सिद्धू ने पुलिस भूमिका जांच के निर्देश दिए थे। इसी बीच वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुष्पक ज्योति ने शुक्रवार देर रात एसओजी से हटाकर प्रभारी उप निरीक्षक रवींद्र कुमार, विक्की टम्टा, कांस्टेबल सुनील राणा, ललित, सुनील मलिक, अंकुर, देवेंद्र और अभिषेक को यातायात कार्यालय से संबद्ध कर दिया।
आदेश में कहा गया है कि पर्यटन सीजन के चलते यह फैसला लिया गया है। आठ पुलिसकर्मियों को हटाने के बाद एसओजी में सिर्फ दो सिपाही बचे हैं। फिलहाल नई तैनाती नहीं की गई है। बता दें कि इससे पहले शनिवार को विभाग ने पूरी नाला-पानी पुलिस चौकी बदल दी थी।