एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने जसपुर और काशीपुर तहसीलों की जांच के बाद जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर एसडीएम, दो तहसीलदारों और पांच अन्य को रविवार रात गिरफ्तार कर लिया।
इनमें दो काश्तकार, एक संग्रह अमीन, तहसील का अनुसेवक और एक स्टांप वेंडर शामिल है। कोर्ट में पेशी के बाद सभी को जेल भेज दिया है। घोटाले के मुख्य आरोपी डीपी सिंह और अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें विभिन्न क्षेत्रों में दबिश दे रही हैं।
एसआईटी ने रविवार रात निलंबित चल रहे एसडीएम भगत सिंह फोनिया पुत्र पान सिंह निवासी देहरादून, निलंबित संग्रह अमीन अनिल कुमार पुत्र मुनीम सिंह निवासी जसपुर, तत्कालीन प्रभारी तहसीलदार काशीपुर मदन मोहन पडलिया पुत्र कृष्ण पडलिया निवासी हल्द्वानी, सेवानिवृत्त प्रभारी तहसीलदार भोलेलाल पुत्र स्व. मल्लू लाल निवासी किच्छा, अनुसेवक जसपुर तहसील रामसमुझ पुत्र दूधनाथ निवासी रुद्रपुर,
स्टांप वेंडर जीशान पुत्र जलाल अहमद निवासी काशीपुर, काश्तकार ओम प्रकाश पुत्र चौधरी राम निवासी गढ़ीहुसैन जसपुर और काश्तकार चरन सिंह पुत्र खान चंद निवासी जसपुर को गिरफ्तार कर सोमवार को रुद्रपुर न्यायालय में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवाकांत द्विवेदी की कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इसके साथ ही घोटाले के मुख्य आरोपी डीपी सिंह और अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही हैं।