जांच टीम के सदस्य क्षेत्र के रेंज अधिकारी शरत सिंह नेगी ने बताया कि गंगी गांव के पास ताल नामे तोक में सिविल सोयम और आरक्षित वन भूमि में पेड़ काटे गए हैं। उन्होंने बताया कि काटे गए पेड़ों के स्थान पर कई छानियां भी बनाई जा रही हैं। यह छानियां किसकी हैं, पूछताछ के बावजूद इसका पता नहीं चला है। डीएफओ डॉ. कोको रोसे ने बताया कि कॉबिंग के बाद टीम गंगी से लौट रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ताल नामे तोक में हरे पेड़ों पर कई दिन आरी चलती रही, वह गांव से केवल तीन किलोमीटर की दूरी पर है। न तो वन और राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारी क्षेत्र में गश्त पर पहुंचे और न ही किसी ग्रामीण ने प्रशासन को पेड़ काटे जाने की सूचना दी। सबकी भूमिका संदेह के घेरे में है।