लेकिन प्रदेश में एलटी के 3089 और प्रवक्ता के 4509 पद खाली हैं, जिन्हें आयोगों से भरने के लिए प्रस्ताव भेजे जा चुके हैं। जीना ने एतराज जताया कि उत्तर सही नहीं है। शिक्षकों के बगैर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
इस पर पांडेय का जवाब था कि जहां पद खाली हैं वहां एलटी और प्रवक्ता पद पर तैनात शिक्षकों से पठन पाठन कराया जा रहा है। इस पर जीना ने सवाल उठाया कि ऐसा कैसे संभव है कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो रही होगी।
उन्होंने जब यह कहा कि मंत्री का जवाब गलत है तो पांडेय ने भी उतनी दृढ़ता से कहा कि जवाब कहीं से भी गलत नहीं है। इस बीच मंत्री ने जब यह चुटकी ली कि ‘हो गया पेपर में छप जाएगा’, तो जीना का पारा चढ़ गया। जीना ने प्रतिकार किया कि वे पेपर में छपने के लिए सवाल नहीं उठा रहे, ये उनकी पीड़ा है। इस दौरान पांडेय और जीना के छिड़ी बहस स्पीकर के दखल के बाद थमी।
भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह जीना के प्रश्न से उत्पन्न तनाव से शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय अभी बाहर ही निकले थे कि विधायक प्रीतम पंवार के प्रश्न में आ घिरे। प्रीतम ने धनोल्टी के जौनपुर राजकीय इंटर कॉलेज में खाली पदों के बारे में जानकारी चाही थी।
इस दौरान प्रीतम मंत्री से बार-बार प्रश्न करते रहे और मंत्री अधिकारी दीर्घा में बैठे शिक्षा निदेशक से पर्ची पर जवाब मांगते दिखे। प्रीतम ने प्रश्न किया कि कॉलेज में कब से पद रिक्त हैं। जवाब में मंत्री ने कहा कि ये मैं अभी नहीं बता सकता। इस पर प्रीतम ने कहा कि फिर प्रश्न लगाने का क्या मंतव्य है? पर्ची मिलने पर फिर पांडेय का जवाब आया, दो साल से खाली हैं। प्रीतम ने कहा कि मंत्री जी ने सदन में यह जानकारी दी है कि जहां एलटी का शिक्षक नहीं हैं, वहां प्रवक्ता पढ़ा रहे हैं और जहां प्रवक्ता नहीं हैं, वहा एलटी शिक्षक पढ़ा रहे हैं।
लेकिन उनके क्षेत्र के स्कूल में अंग्रेजी विषय का न प्रवक्ता है न एलटी शिक्षक। ऐसी स्थिति में बच्चों की पढ़ाई कैसे हो रही होगी? इसके जवाब में मंत्री ने कहा कि गेस्ट टीचर नियुक्त होगा। प्रीतम ने यह कहकर नाराजगी जाहिर की कि सरकार शिक्षा के मामले में गंभीर नहीं है। इस पर मंत्री ने आश्वासन दिया कि 15 दिन में इंटर कॉलेज में रिक्त पदों पर शिक्षक उपलब्ध करा दिए जाएंगे।