उत्तराखंड में मंत्रीजी के रिश्तेदार के लिए सारे नियम कानून तोड़ दिए गए। ऐसा क्यों किया गया? पढ़ें...
उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी एक ओर सरकारी स्कूलों में छात्रसंख्या बढ़ाने की अपील करते हैं, दुर्गम स्कूलों में शिक्षकों की कमी पर चिंता जताते हैं।
वहीं, दूसरी ओर उनकी ही एक रिश्तेदार को सुगम के एक ऐसे स्कूल में स्थानांतरित कर दिया जाता है, जहां पहले ही छह शिक्षक तैनात हैं। शिक्षक संख्या के मामले में ‘ओवरलोड’ इस स्कूल में अब साठ बच्चों पर सात शिक्षक हो गए हैं।
डाकपत्थर से लाई गईं दून
शिशु विद्या मंदिर जूनियर हाईस्कूल डाकपत्थर में प्रधानाध्यापिका मधु डंगवाल को सनातन धर्म मंदिर जूनियर हाईस्कूल झंडा बाजार लाया गया है। मधु शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी की रिश्तेदार हैं।
यह है मानक
शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के मानकों के अनुसार छात्रसंख्या और शिक्षक का अनुपात 40:1 होना चाहिए। यानी 40 छात्रों पर एक शिक्षक होना चाहिए। इस लिहाज से सनातन धर्म स्कूल में 60 शिक्षकों पर दो ही शिक्षक होने चाहिए।
लेकिन अब यहां सात शिक्षक हो गए हैं। दूसरी ओर, प्रदेश में गत वर्ष राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत उच्चीकृत 86 स्कूलों में आज तक एक भी शिक्षक तैनात नहीं किया जा सका है।