मैदानी इलाकों को बर्बाद करने के बाद यह खतरनाक बीमारी अब पहाड़ी इलाकों को चपेट में ले रही है। इस बीमारी के बारे में ज्यादा जानने के लिए पढ़ें...
फर्जी दस्तावेजों से भर्ती होने की यह बीमारी पहाड़ों में भी पैर पसारने लगी है। विशेषकर सेना भर्ती में ऐसे कई मामले सामने आए हैं। पकड़े गए मामलों में अनिवार्य दस्तावेज और प्रमाण पत्र फर्जी मिले हैं। ऐसे मामलों के सामने आने से सेना के अधिकारी भी हैरान हैं।
सेना मानती है कि ऐसे मामले अकसर मैदानों में ही सामने आते हैं, पहाड़ों में यह अप्रत्याशित है। सेना भर्ती कार्यालय इसके लिए युवाओं को जागरूक भी कर रहा है।
कोटद्वार में सेना भर्ती कार्यालय लैंसडौन गढ़वाल मंडल के सात जिलों की भर्ती रैली 11 अप्रैल से आयोजित कर रहा है। इसमें हजारों की संख्या में अभ्यर्थी शामिल होंगे। सेना ने इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं।
भर्ती रैली में युवाओं के दस्तावेजों पर सेना की कड़ी नजर होगी। वर्ष 2014 में हुई भर्तियों में सेना के सामने ऐसे कई मामले सामने आए थे जिसमें फर्जी दस्तावेज से युवा भर्ती होने की कोशिश कर रहे थे। लिखित परीक्षा के अंतिम चरण पार करने के बाद फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज भी पकड़े गए थे।