शिक्षा विभाग में संशोधित तबादलों से मनचाही जगह मिलने के बावजूद कुछ अधिकारी नए तैनाती स्थलों पर नहीं पहुंचे। शिक्षा महानिदेशक डी सेंथिल पांडियन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों की सर्विस ब्रेक (जिस समयावधि में अफसर नदारद हैं, उसे कार्यकाल में नहीं जोड़ा जाना) की जाएगी।
शिक्षा विभाग में हाल ही में करीब 38 अधिकारियों के तबादले किए गए थे, लेकिन मनचाही जगह न मिलने पर तबादलों के बावजूद विभाग के इन अधिकारियों ने पदभार ग्रहण नहीं किया। शासन में तबादले संशोधित किए जाने के आवेदन पर शासन ने बीती 15 सितंबर को इन अधिकारियों की तैनाती संशोधित कर दी।
शिक्षा सचिव एमसी जोशी की ओर से जारी संशोधन आदेश में कहा गया कि सात दिन के भीतर प्रतिस्थानी की प्रतीक्षा किए बगैर कार्यभार ग्रहण करेंगे। इसके बावजूद अब भी कुछ अधिकारी नए तैनाती स्थलों पर नहीं पहुंचे।
शिक्षा महानिदेशक ने कहा कि मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। कहा कि संबंधित अधिकारियों की सर्विस ब्रेक की जाएगी। इससे अधिकारियों का इस पीरियड का वेतन तो रुकेगा ही साथ ही सर्विस ब्रेक होने से वह जूनियर हो जाएंगे।
यहां हुए तबादले संशोधित
जिन अधिकारियों के तबादले संशोधित किए गए उसमें कुछ को उत्तरकाशी से रुद्रप्रयाग, रुद्रप्रयाग से पौड़ी, रुद्रप्रयाग से नैनीताल, रुद्रप्रयाग से टिहरी, चंपावत से देहरादून, पिथौरागढ़ से चंपावत और ऊधमसिंह नगर से शिक्षा निदेशालय दून भेजा गया था।