पूर्व सैनिक कल्याण मंत्री हरक सिंह रावत के विधानसभा क्षेत्र रहे रुद्रप्रयाग के जखोली में बनने वाले सैनिक स्कूल का जिम्मा शिक्षा विभाग को सौंप दिया गया है।
हरक सिंह के दवाब में सैनिक कल्याण विभाग को स्कूल के निर्माण और संचालन का जिम्मा दिया गया था। सरकार ने केंद्र की गाइडलाइन को साइडलाइन कर पहले यह निर्णय लिया था, जिसे अब हरक सिंह रावत के पार्टी छोड़ने के बाद बदला गया है।
स्कूल के लिए अब रक्षा मंत्रालय के साथ नए सिरे से करार होगा। इसकी प्रक्रिया शुरू करने के आदेश शासन ने दे दिए हैं। सरकार ने 6 माह पहले स्कूल निर्माण को जिम्मा सैनिक कल्याण विभाग को दे दिया था, जबकि नियम के तहत यह शिक्षा विभाग को दिया जाना चाहिए था।
हरक की हनक के चलते किसी ने आपत्ति भी दर्ज नहीं करवाई। अब उनके बागी होते ही नियम कायदों का हवाला देकर त्रुटि को दुरुस्त किया जा रहा है। सैनिक कल्याण विभाग ने निर्माण का जिम्मा शिक्षा विभाग को देने के आदेश हो गए हैं।
उत्तराखंड का एकमात्र घोड़ाखाल स्थित सैनिक स्कूल भी शिक्षा विभाग के अधीन है, लेकिन सरकार ने जोखोली में प्रस्तावित स्कूल सैनिक कल्याण विभाग के अधीन कर दिया। उस समय शासन की हरक के सामने नहीं चली, लेकिन अब केंद्र की गाइडलाइन को आधार बनाकर फैसला पलटा जाएगा।
संस्था ने वापस मांगे पांच करोड़
पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की कल्याणकारी योजनाओं संचालित करने वाली संस्था उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास संस्था ने हरक सिंह रावत के दबाव में सैनिक स्कूल के निर्माण के लिए पांच करोड़ रुपये दिए थे।
हरक सिंह रावत के मंत्रिमंडल से हटने के बाद संस्था ने फंड का अभाव बताते हुए यह राशि वापस मांगी है। इसके अलावा उपनल से भी पांच करोड़ स्कूल निर्माण के लिए दिए गए थे। फौजियों के कल्याण के लिए बने फंड को मनमाने ढंग से स्कूल के लिए ट्रांसफर करने का पूर्व सैनिकों और भाजपा ने भारी विरोध जताया था।
Published By : Nirmala Suyal