शिक्षा निदेशक डॉ़ मुकुल सती ने इस संबंध में जारी किए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश के सरकारी और अशासकीय स्कूलों में बच्चों को प्रार्थना सभा के दौरान रोज गीता का श्लोक पढ़ाए जाने के आदेश के बाद अब इसके प्रभावों की समीक्षा होगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ़ मुकुल कुमार सती ने इस संबंध में निर्देश जारी किया है। निर्देश में कहा गया है कि 29 दिसंबर को इसकी रिपोर्ट दी जाए।
शिक्षा निदेशक ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देश में कहा, स्कूल स्तर पर बच्चों में नैतिक मूल्यों के विकास, चरित्र निर्माण, संस्कार विकसित करने के लिए गीता के वैज्ञानिक दृष्टिकोण, महत्व और शिक्षाप्रद अंशों को बच्चों को बताए जाने का निर्णय लिया गया था। अब इसके सकारात्मक प्रभावों की समीक्षा की जानी है। इसके लिए हर स्कूल की यह रिपोर्ट दी जाए कि स्कूल में प्रार्थना सभा या अन्य शैक्षिक अवसरों पर गीता आधारित गतिविधियों के क्रियान्वयन की स्थिति क्या है। सप्ताह का श्लोक जैसी गतिविधियों का संचालन एवं इसमें छात्र-छात्राओं की सहभागिता, छात्र-छात्राओं का व्यवहार, अनुशासन आदि के बारे में बताया जाए। इसके लिए पहली समीक्षा स्कूल स्तर पर की जाएगी। इसके लिए संस्कृत, हिंदी शिक्षक के नेतृत्व में टीम गठित करते हुए छात्र मूल्यांकन किया जाएगा। सर्दियों की छुट्टी वाले स्कूलों में 24 दिसंबर और गर्मियों की छुट्टियों वाले स्कूलों में 26 दिसंबर को इसकी समीक्षा की जाए।