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तबादलों में खेल: एक्ट को दरकिनार कर किए शिक्षा -प्राविधिक शिक्षा में शिक्षकों और कर्मचारियों के ट्रांसफर

Mon, 25 Jul 2022 09:16 AM IST
रेनू सकलानी बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून

सार

शिक्षक और कर्मचारी इस साल तबादला एक्ट के तहत पारदर्शी तबादलों की आस लगाए थे, लेकिन विभागों में हुए तबादलों में नियमों को ताक पर रख दिया गया है। शिक्षा विभाग के अलावा प्राविधिक शिक्षा विभाग में भी तबादलों में जमकर खेल हुआ है।
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सांकेतिक फोटो - फोटो : Social Media
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विस्तार
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शिक्षा और प्राविधिक शिक्षा विभाग में हुए तबादलों में खेल हुआ है। अधिकारियों ने तबादला एक्ट को दरकिनार कर शिक्षकों एवं कर्मचारियों के तबादले किए। प्राविधिक शिक्षा में कर्मचारियों के सुगम क्षेत्र में की गई सेवा के बाद फिर से सुगम क्षेत्र में तबादले कर दिए गए, जबकि शिक्षा विभाग में 25 साल से अधिक की दुर्गम क्षेत्र की सेवा के बाद शिक्षक को फिर से दुर्गम क्षेत्र के स्कूल में तैनाती दे दी गई है।
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शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी के मुताबिक माध्यमिक शिक्षा में विभाग को तबादलों से संबंधित 300 से अधिक आपत्तियां मिली हैं। इन आपत्तियों पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। शिक्षक और कर्मचारी इस साल तबादला एक्ट के तहत पारदर्शी तबादलों की आस लगाए थे, लेकिन विभागों में हुए तबादलों में नियमों को ताक पर रख दिया गया है।

ऐसे ही टिहरी गढ़वाल जिले के राजकीय इंटर कालेज रणकोट के सहायक अध्यापक उमेश कुमार सिंह की पहली नियुक्ति 1996 में जिले के इस दुर्गम क्षेत्र के स्कूल में हुई। दुर्गम क्षेत्र के इस स्कूल में उनकी 25 साल से अधिक की सेवा हो चुकी है। तबादला एक्ट के तहत वह सुगम क्षेत्र के स्कूल में तबादले की आस लगाए थे।
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76 शिक्षकों का समायोजन किया गया

अनिवार्य तबादलों की सूची में उनका नाम 114वें स्थान पर था, लेकिन अनिवार्य तबादले से पहले विभाग ने उनका 25 साल से अधिक की दुर्गम क्षेत्र में की गई सेवा के बावजूद राजकीय इंटर कालेज हिंसरियाखाल टिहरी गढ़वाल में समायोजन कर दिया। उनका जिस स्कूल में समायोजन किया गया है, वह दुर्गम क्षेत्र का स्कूल है। इसी तरह के कई अन्य शिक्षकों के मामले सामने आए हैं। 

शिक्षकों के मुताबिक इस जिले में माध्यमिक के 76 शिक्षकों का समायोजन किया गया है। जिनमें से कुछ की दुर्गम क्षेत्र के स्कूल में 26 साल से अधिक की सेवा हो चुकी है। इसके बावजूद उनका दुर्गम क्षेत्र के स्कूलों में समायोजन किया गया है। शिक्षा विभाग के अलावा प्राविधिक शिक्षा विभाग में भी तबादलों में जमकर खेल हुआ है।

विभाग की ओर से तबादला एक्ट को ताक पर रखकर जिसे जहां चाहा उसे उस क्षेत्र के पॉलिटेक्निक में तैनाती दी गई है। विभागीय निदेशक हरि सिंह की ओर से कर्मचारियों की पदोन्नति के बाद दुर्गम के बजाय सुगम से सुगम क्षेत्र के पॉलिटेक्निकों में तैनाती दी गई है। प्राविधिक शिक्षा में तबादला संशोधन के नाम पर भी जमकर खेल हुआ है। इस संबंध में प्राविधिक शिक्षा के निदेशक हरि सिंह से प्रयास के बाद भी संपर्क नहीं हो सका।          

शिक्षा विभाग में पहली बार ऐसा हुआ है जब एक शिक्षक का दो स्कूलों में तबादला कर दिया गया है। तबादले तय समय पर भी नहीं किए गए। विभाग में तबादला एक्ट को दरकिनार कर दुर्गम क्षेत्र के शिक्षकों का उत्पीड़न किया गया है।
- डॉ. सोहन माजिला, प्रांतीय महामंत्री राजकीय शिक्षक संघ 

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शिक्षकों के तबादलों के बाद माध्यमिक शिक्षा में विभाग को 300 से अधिक आपत्तियां मिली हैं। जिनके मामले में गलत हुआ है उसे ठीक किया जाएगा, मंगलवार से इन आपत्तियों पर निर्णय लिया जाएगा। - बंशीधर तिवारी, शिक्षा महानिदेशक
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