फर्जी वेबसाइट के माध्यम से लोगों से निवेश कराकर 1200 करोड़ रुपये से भी अधिक की ठगी में ईडी ने भी बड़ी कार्रवाई की है। फर्जी वेबसाइट बनाने वाले लोगों की सहयोगी कंपनियों के दफ्तरों से 1.3 करोड़ रुपये सीज किए गए हैं। ईडी ने यह कार्रवाई महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और दिल्ली में की है। इसके अलावा 15 लाख रुपये बैंक खातों में भी फ्रीज कराए गए हैं। मामले में ईडी की कार्रवाई जारी है। उत्तराखंड एसटीएफ भी इसकी जांच कर रही है।
चार सितंबर 2021 को हरिद्वार के अमित कुमार ने साइबर थाने में शिकायत की थी। अमित ने जीएलसी लि. की वेबसाइट पर संपर्क किया था। यहां सोना, रेड वाइन और मसालों में निवेश कर कमाई का झांसा दिया गया था। अमित ने कई बार में इस वेबसाइट के माध्यम से ठगों के खातों में 15 लाख रुपये भेज दिए थे। साइबर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच की तो यह मामला एक हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा की ठगी का निकला। कुछ दिन बाद ही एसटीएफ और साइबर पुलिस की टीम ने पंजाब से एक फिल्म निर्माता समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद कुल 13 आरोपियों पर कार्रवाई हो चुकी है।
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एसटीएफ ने इस मामले की जांच ईडी से कराने के लिए भी पत्र लिखा। शुरुआती जांच में पाया गया कि साइबर ठगों ने मॉरिशस, सिंगापुर आदि देशों में भी क्रिप्टो के जरिये पैसे भेजे थे। इसमें एसटीएफ ने कुछ हवाला एजेंटों को भी दिल्ली से गिरफ्तार किया था। वहीं, ईडी ने जांच की तो महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और दिल्ली की कुछ फर्जी कंपनियों के दफ्तरों को खंगाला गया। ईडी की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में इस बात का खुलासा किया गया है। ईडी ने महाराष्ट्र और दिल्ली में इन कंपनियों के दफ्तरों में रखे 1.3 करोड़ रुपये सीज किए हैं।
स्टेट बैंक ऑफ मॉरिशस की मुंबई शाखा में जमा धन फ्रीज
ईडी के अनुसार, डिजिटल मीडिया एंड इंटरटेनमेंट, आयरनगेट प्रोडक्शन प्रा. लि., शेली कारगो एंड ट्रांसपोर्ट प्राइवेट लि. और सुनहरी एग्जिम प्रा. लि. के स्टेट बैंक ऑफ मॉरिशस की नरीमन प्वाइंट, मुंबई में खाते हैं। इन्हीं खातों में 15.8 लाख रुपये जमा किए गए थे। इस खाते से पैसा विदेशों में भी भेजा गया है। एसटीएफ की जांच में भी यह बात सामने आई थी कि इन बैंक खातों से 10 करोड़ रुपये से भी अधिक विदेशों में भेजे गए हैं।