उत्तराखंड
प्रत्यक्ष 2.29
अप्रत्यक्ष 5.27
हिमाचल
प्रत्यक्ष 3.20
अप्रत्यक्ष 6.29
पर्यटन से रोजगार
उत्तराखंड
प्रत्यक्ष 7.99
अप्रत्यक्ष 21.18
हिमाचल
प्रत्यक्ष 10.23
अप्रत्यक्ष 20.23
(स्रोत आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21)
परिवहन, भंडारण, संचार में सर्विस 14805 करोड़
संचार एवं प्रसारण 10671 करोड़
व्यापार,होटल एवं जलपान गृह 26027 करोड़
वित्तीय सेवाएं 4881 करोड़
व्यवसायिक सेवाएं 10044 करोड़
लोक प्रशासन 8612 करोड़
अन्य सेवाएं 12816 करोड़
कुल 77248 करोड़
(स्रोत..........आर्थिक सर्वेक्षण उत्तराखंड )
उन चुनिंदा राज्यों में उत्तराखंड भी शामिल है जो खेती के लिए किसानों को कर्ज उपलब्ध कराने को तवज्जो नहीं दे रहे हैं। आर्थिक सर्वेक्षण के मुताबिक खेती की रोजगार, आय और खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका है। केंद्र सरकार ने 2019-20 में 13.50 लाख करोड़ रुपये का कर्ज किसानों को उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया था।
इसमें से नौ लाख करोड़ रुपये ही बांटा जा सका। आर्थिक सर्वे में पाया गया कि किसानों को लोन देने में पर्वतीय राज्यों की ओर से कोताही हो रही है। कुल लोन में इन राज्यों की हिस्सेदारी एक प्रतिशत से भी कम है। हाल ही में फोकस पेपर जारी करते समय कृषि क्षेत्र के लिए उत्तराखंड में 24556 करोड़ रुपये की ऋण संभावना जताई गई थी।
सरकारी बैंकों को भी सुधरना होगा
आर्थिक सर्वेक्षण में यह साफ कहा गया है कि देश में प्राइवेट बैंकों के मुकाबले सरकारी बैंकों की कार्यक्षमता कम है। उत्तराखंड भी इसका अपवाद नहीं है। मुसीबत यह है कि प्रदेश में निजी बैंकों की बजाय सरकारी बैंकों का ही अधिक बोलबाला है। ऐसे में प्रदेश को सरकारी बैंकों के इस रवैये का अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।