नतीजा यह हुआ कि पुलिस आधुनिकीकरण का बजट लगातार घटता चला गया। मद समाप्त होेने के कारण पुराने निर्माण कार्य भी बीच में अटक गए थे। राज्य सरकार ने किश्तों में रकम का इंतजाम कर निर्माण कार्यों को पूरा कराया था।
बजट के अभाव में पुलिस महकमे के ढेर सारे प्रस्ताव सरकारी फाइलों में सिमट गए। वित्तीय संकट से जूझ रही राज्य सरकार उम्मीद के मुताबिक पुलिस महकमे को बजट नहीं उपलब्ध पा रही है।
इसी कड़ी में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हाल में ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर पुलिस आधुनिकीकरण योजना में भवन निर्माण और वाहन की मद को फिर से शामिल करने की मांग उठाई थी।
बजट की कमी के चलते पुलिस आधुनिकीकरण में दिक्कत आ रही है। मोदी सरकार एक फरवरी को बजट पेश करने जा रही है। ऐसे मेें पुलिस आधुनिकीकरण का बजट बढ़ने की उम्मीद जगी है।