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उत्तराखंड में फिर महसूस हुए भूकंप के झटके

Mon, 27 Apr 2015 10:05 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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रविवार को दोपहर 12 बजकर 43 मिनट पर उत्तराखंड के कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। देहरादून सहित श्रीनगर गढ़वाल, रुड़की में भी लोगों ने झटके महसूस किए। इसके साथ पूरे उत्तर भारत ही में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेपाल में भूकंप के इस झटके की तीव्रता 6.9 रिक्टर रिकॉर्ड किया गया।
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उत्तराखंड में सभी जिलों में शनिवार को 11 बजकर 41 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। पंखे और घरेलू सामानों को हिलता देख दहशत में कई स्थानों पर लोग घरों से बाहर निकल आए। फिलहाल प्रदेश में कहीं से नुकसान की खबर नहीं है।

राज्य आपदा प्रबंधन न्यूनीकरण केंद्र ने भी इसकी पुष्टि की। कुमाऊं में कई स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। 11:41 बजे भूकंप के कारण धरती के डोलते ही कंट्रोल रूम में फोनों की घंटियां बजने लगीं। स्थिति पर नजर रखने के लिए सचिवालय में ही स्थित आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र के आलाधिकारी भी वहां पहुंच गए।
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केंद्र प्रभारी मेजर राहुल जुगरान कमान संभाले हुए थे, जबकि वहां तैनात दूसरे कर्मी राज्य के सभी 13 जिलों से पल-पल की जानकारी एकत्रित करने में जुट गए। मुख्यमंत्री हरीश रावत के मुताबिक सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट कर दिया गया है। विशेषकर दूर दराज के क्षेत्रों की स्थिति का आकलन कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
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भूकंप से नहीं डिगे चारधाम के मंदिर

भूकंप से राज्य में जानी नुकसान तो नहीं हुआ लेकिन मामूली क्षति की सूचना है। हरिद्वार के एसएमजेएन कालेज के पास दीवार गिर गई, जिससे दो गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं।

उधर, काशीपुर में भूकंप से एक स्कूल का सीलिंग फैन गिरने से एक शिक्षिका और छात्रा मामूली रूप से चोटिल हो गए जबकि गिरिताल स्थित फिलिप्स शोरूम के दरवाजे का बड़ा शीशा चकनाचूर हो गया।

बदरीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री के मंदिरों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। ऐसे में चार धामों पर मंदिरों को भूकंप से ज्यादा खतरा नहीं है। हालांकि सही स्थिति जांच के बाद स्पष्ट हो सकती है।
- डॉ. यादवेंद्र पांडे, सीबीआरआई के वैज्ञानिक

पहाड़ों पर हो सकता है असर
नेपाल में आए भूकंप से उत्तराखंड के पहाड़ों पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि यहां तीव्रता 4 से 5 के बीच आंकी जा रही है। फिर भी संवेदनशील जगहों पर खतरा पहले की अपेक्षा बढ़ेगा।
- प्रो. एमएल शर्मा, आईआईटी रुड़की के भूकंप विभाग के अध्यक्ष
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