उत्तराखंड के चमोली और रुद्रप्रयाग जिले में शनिवार को भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.2 मापी गई। जब भूकंप आया उसी वक्त तेज अंधड़ भी चारों ओर तबाही मचा रहा था जिससे एक बार लोगों को भूकंप का पता ही नहीं चल पाया।
वाडिया हिमालयन भूविज्ञान संस्थान के वरिष्ठ भूकंप विशेषज्ञ डॉ. सुशील कुमार के मुताबिक भूकंप का केंद्र चमोली जिले में था। भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर नीचे थी। झटके शाम 5.27 बजे महसूस किए गए।
चमोली के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर ने बताया कि भूकंप के वक्त तेज अंधड़ के चलते झटकों का पता नहीं चल पाया। डॉ. सुशील कुमार का कहना है कि केदारघाटी में भी झटके महसूस किए गए।
मौसम का उलटफेर, कहीं बर्फ, कहीं बरसी आग
शनिवार को मौसम के विरोधाभासी रंग देखने को मिले। एक ओर ऊंचे पहाड़ों पर बर्फ गिर रही थी तो दूसरी ओर मैदानों में सूरज आग उगल रहा था। जंगलों में लगी आग भी तपिश को बढ़ा रही है।
शनिवार को शाम पांच बजे के बाद बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब समेत कई ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ। चारधाम यात्रा पर पहुंचे तीर्थयात्रियों ने जेठ के महीने में मौसम के रूप का भरपूर आनंद उठाया।
वहीं चमोली जिले के निचले इलाकों में शाम को आए आंधी-तूफान ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया। इस दौरान चारधाम यात्रियों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ी। उधर, उत्तरकाशी में भी शाम को अचानक हुई बूंदाबांदी में गर्मी कम खत्म हो गई।
राजधानी दून में पारा 40 डिग्री के पार
दूसरी ओर, देहरादून में मौसम कुछ और ही रंग दिखा रहा था। शनिवार को राजधानी में पारा 40 डिग्री का आंकड़ा पार कर गया। प्रदेश के बाकी मैदानी इलाकों में भी बढ़ती तपिश ने अभी से लोगों के होश फाख्ता कर दिए हैं, जबकि असल गर्मी अभी बाकी है।
जंगलों में लगी आग भी घी का काम कर रही है। श्रीनगर, कीर्तिनगर के जंगलों में आग बेकाबू हो चुकी है। इससे आसपास के क्षेत्रों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। आग के कारण अलकनंदा घाटी में गर्म हवा के थपेड़े चल रहे हैं और श्रीनगर का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है।
तापमान
उत्तरकाशी 20 डिग्री
श्रीनगर 41 डिग्री
देहरादून 40.1