इसी बीच रवि फुकेला नामक के ई-रिक्शा चालक ने अपने ऊपर केेरोसिन (मिट्टी का तेल) छिड़क लिया और आत्मदाह की कोशिश करने लगा, तभी वहां मौजूद पुलिसकर्मियों व अन्य ई-रिक्शा संचालकों ने उसे पकड़ लिया। इससे वहां कुछ देर तक अफरातफरी का माहौल रहा। इसके बाद चालकों ने सरकार का पुतला दहन किया।
ई-रिक्शा चालकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार विमर्श नहीं किया गया तो वह चौराहों पर आत्मदाह करने के साथ ही सभी ई-रिक्शा को आग के हवाले कर देंगे। कहा कि बृहस्पतिवार से क्रमिक अनशन की जगह आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
पुतला दहन करने वालों में रविंद्र त्यागी, मारुफ राव, राबिन त्यागी, भुवनेश चंद्र, सत्यवीर सिंह, संतोष कुमार, रोहित कुमार, विजय कुमार आदि शामिल थे।
हाल ही में धरना प्रदर्शन के दौरान एक चालक ने ई-रिक्शा को आग के हवाले कर दिया था। सूचना पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने मुश्किल से आग पर काबू पाया था। इससे आक्रोशित ई-रिक्शा संचालक ने दोबारा आग लगा दी।
जिसे लेकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों व संचालकों के बीच तीखी नोक-झोंक होने के साथ ही मारपीट की नौबत आ गई थी। आखिरकार पुलिसकर्मियों ने जैसे-तैसे स्थिति को संभाला।
हरीश रावत भी दे चुके समर्थन
ई रिक्शा चालकों ने हाल ही में विरोध के चलते भीख मांगने का कार्यक्रम रखा था। उनके विरोध प्रदर्शन का समर्थन देने पूर्व सीएम हरीश रावत भी पहुंचे थे। उन्होंने कहा था कि सरकार को इस तरह से गरीबों के काम की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। उन्हें उनके हक काम करने दिया जाए।