बदरीनाथ हाईवे पर चट्टान टूटने के बाद से बंद पड़ा नंदप्रयाग-सैकोट-कोठियालसैंण मार्ग पर चार दिनों बाद वाहनों की आवाजाही सुचारु हो गई है। लोक निर्माण विभाग की ओर से बोल्डरों को तोड़कर मंगलवार को अपराह्न दो बजे वाहनों की आवाजाही सुचारु करवाई गई।
छह फरवरी को शाम पांच बजे बदरीनाथ हाईवे पर चट्टान टूटने से यह मार्ग बंद हो गया था। यहां बड़े-बड़े बोल्डर आ गए थे। एनएचआईडीसीएल की ओर से दो दिनों बाद बदरीनाथ हाईवे तो वाहनों के लिए खोल दिया था, लेकिन यह मार्ग अभी तक बंद था।
मार्ग खुलने पर ग्राम पंचायत मासौं, दादड़, देवखाल, सेमी, भदौड़ा, घुड़साल, सैकोट, त्रिशुला, बामनाथ, सितोड़ा, नेल, सेम, सांकरी, पिलंग आदि गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। अभी तक ग्रामीणों को गंतव्य तक जाने के लिए दो किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही थी।
हाईवे कर्णप्रयाग-गौचर में बना खस्ताहाल
बदरीनाथ हाईवे कर्णप्रयाग-गौचर के बीच कई स्थानों पर खस्ताहाल बना है। नगर पालिका गौचर के पूर्व अध्यक्ष मुकेश नेगी, सुनील पंवार, सुरेश डिमरी आदि ने बताया कि कर्णप्रयाग-गौचर के मध्य गलनाऊं, खोड़ीखांड, पंचपुलिया आदि स्थानों पर उबड़-खाबड़ मार्ग का एक वर्ष से सुधारीकरण नहीं होने से वाहन चालकों को जान-जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि जल्द हाईवे दुरुस्त नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा।