उत्तराखंड के टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों की ई-निगरानी परिवहन मुख्यालय ने सोमवार से शुरू कर दी। पहले दिन एक-दो जगह निगरानी में देरी हुई लेकिन सैंकड़ों वाहनों के ई-चालान कट गए।
ई-डिटेक्शन के तहत वाहन का नंबर परिवहन मंत्रालय के वाहन पोर्टल से रियल टाइम कनेक्ट करेगा। यहां स्वचालित रूप से महत्वपूर्ण दस्तावेजों जैसे वाहन का परमिट, बीमा प्रमाण पत्र, प्रदूषण प्रमाण पत्र, फिटनेस सर्टिफिकेट और रोड टैक्स आदि की जांच होगी।
उत्तराखंड में प्रथम चरण में इनमें से परमिट, बीमा, फिटनेस की जांच कर अधूरे होने पर ई-चालान काटे गए। उप परिवहन आयुक्त शैलेश कुमार तिवारी ने बताया कि इस निगरानी के तहत 15 साल इससे अधिक पुराने वाहनों की भी पहचान होगी। ई-चालान कटने के बाद पहले ही दिन तमाम वाहन मालिकों को ऑटोमैटिक ई-चालान मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से भेजा गया।
Uttarakhand: बारिश-बर्फबारी की बेरुखी, पर्यटन बेपटरी; जिन टूरिस्ट स्पॉट पर रहती थी भीड़, वहां पसरा है सन्नाटा