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Doon Medical College: रैगिंग में दोषी MBBS के नौ छात्रों का निष्कासन, दो पर 50-50 हजार का जुर्माना

Mon, 19 Jan 2026 10:34 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून

सार

एमबीबीएस 2025 बैच के दो छात्रों के साथ 12 जनवरी की रात 2023 और 2024 बैच के सीनियर छात्रों ने मिलकर रैगिंग की थी। मामले की शिकायत वार्डन की ओर से 13 दिसंबर को ही कर दी गई थी। जिसके बाद अब कार्रवाई हुई है।
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रैगिंग - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग के मामले में एमबीबीएस के नौ सीनियर छात्रों पर कॉलेज, हॉस्टल से निष्कासन की कार्रवाई की गई है। इनमें से दो छात्रों पर निष्कासन के साथ ही 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। प्राचार्य की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है।

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कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक, एमबीबीएस 2025 बैच के दो छात्रों के साथ 12 जनवरी की रात 2023 और 2024 बैच के सीनियर छात्रों ने मिलकर रैगिंग की थी। मामले की शिकायत वार्डन की ओर से 13 दिसंबर को ही कर दी गई थी। इसकी गंभीरता को समझते हुए 15 जनवरी को यह जांच एंटी रैगिंग कमेटी को सौंपी गई थी।

सोमवार को कमेटी ने जांच पूरी कर कॉलेज प्रबंधन को रिपोर्ट सौंप दी। इसमें नौ सीनियर छात्रों को दोषी पाया गया। एमबीबीएस के 2023 और 2024 बैच के दो छात्रों को दो महीने के लिए कॉलेज से निकाला गया है, जबकि ये छात्र हॉस्टल और इंटर्नशिप से हमेशा के लिए बाहर किए गए हैं। इन्हीं दोनों छात्रों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
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इसके अलावा 2023 बैच के चार और 2024 बैच के तीन और छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। इन छात्रों को एक महीने के लिए कॉलेज से निकाला गया है, जबकि तीन महीने के लिए हॉस्टल से बाहर किया गया है। इस संबंध में कॉलेज प्रबंधन की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं।

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एचएनबी विवि प्रबंधन को कॉलेज से प्रकरण की रिपोर्ट लेने में करनी पड़ी मशक्कत
एनएचबी मेडिकल विश्वविद्यालय की ओर से दून मेडिकल कॉलेज से रैगिंग प्रकरण में जवाब तलब किया गया था। इसके बाद सोमवार को एंटी रैगिंग कमेटी ने दोपहर में जांच पूरी कर रिपोर्ट कॉलेज प्रबंधन को सौंप दी थी। विवि प्रबंधन के अधिकारियों ने कॉलेज से कई बार संपर्क किया लेकिन कोई भी जवाब नहीं दिया गया। लिहाजा विवि को यूजीसी को रिपोर्ट भेजनी थी। विवि के रजिस्ट्रार डॉ. आशीष उनियाल ने बताया कि रात नौ बजे तक भी उनके पास रैगिंग से जुड़ी कोई भी रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर की है।

प्रथम वर्ष के छात्रों का हॉस्टल अलग करने की तैयारी
जानकारी के मुताबिक, सोमवार को प्राचार्य ने सभी हॉस्टलों के वार्डन के साथ मिलकर हॉस्टल का भ्रमण किया। इसके बाद वार्डनों के साथ बैठक का आयोजन किया गया। इसमें भविष्य में रैगिंग जैसी घटनाओं को रोकने पर चर्चा की गई। इसमें प्रथम वर्ष के छात्रों के हॉस्टल को अलग करने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए कॉलेज परिसर में बनाए जा रहे नए हॉस्टल को चिह्नित किया जा सकता है।

रैगिंग मामले में नौ छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। दो छात्रों पर भारी जुर्माना भी लगाया गया है। भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों इसके लिए योजना बनाई जा रही है।
- डॉ. गीता जैन, प्राचार्य, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय
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