पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण पछवादून की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। बृहस्पतिवार को यमुना नदी का प्रवाह खतरे के निशान को छू गया। जलस्तर बढ़ने के कारण डाकपत्थर बैराज से 12,077 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। हालांकि, राहत की बात यह है कि क्षेत्र की दूसरी प्रमुख नदी टोंस अभी भी खतरे के निशान से नीचे बह रही है।
यमुना नदी में खतरे का स्तर 455.37 मीटर निर्धारित है और बृहस्पतिवार को नदी का जलस्तर ठीक इसी निशान पर पहुंच गया। नदी के उफान को देखते हुए डाकपत्थर बैराज के गेट खोलकर पानी की निकासी की गई। उत्तराखंड जलविद्युत निगम के जनसंपर्क अधिकारी विमल डबराल ने बताया कि बैराज से छोड़े गए पानी की मात्रा फिलहाल बहुत अधिक नहीं है, इसलिए इसे अभी सामान्य स्थिति के रूप में ही देखा जा रहा है। संवाद
जलविद्युत परियोजनाओं में उत्पादन जारी, कुल्हाल पर नजर
जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि पछवादून की सभी जलविद्युत परियोजनाओं में फिलहाल बिजली उत्पादन सुचारू रूप से चल रहा है। हालांकि, बारिश के कारण आसन नदी में सिल्ट की मात्रा काफी बढ़ गई है। इसके चलते कुल्हाल जलविद्युत गृह को देर रात एहतियातन बंद किया जा सकता है।
टोंस नदी में स्थिति सामान्य, 40 एमएम बारिश
क्षेत्र की दूसरी प्रमुख नदी टोंस का जलस्तर अभी 644.20 मीटर पर है, जो 644.75 मीटर के खतरे के निशान से नीचे है। मौसम के मिजाज की बात करें तो समूचे पछवादून क्षेत्र में झमाझम बारिश का दौर जारी है। चकराता, कालसी, त्यूणी और विकासनगर समेत आसपास के क्षेत्रों में लगभग 40.0 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है।