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सूखे मौसम से किसानों की पेशानी पर बल

Fri, 20 Dec 2013 12:04 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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दिसंबर का महीना खत्म होने को है, लेकिन अब तक उत्तराखंड में न तो कहीं बारिश हुई है न ही बर्फबारी।
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ऐसे में किसानों की पेशानी पर बल पड़ गए हैं। जल्द बारिश न हुई तो मौसमी फसलों के खराब होने की आशंका बन गई है। मौसम विभाग 23 दिसंबर के बाद ही मौसम में कुछ बदलाव की संभावना बता रहा है।

सेब की फसल खराब होने की आशंका
अक्टूबर में मानसून खत्म होने के बाद से अब तक बारिश न होने से किसानों को गेहूं, आलू सहित अन्य फसलों की सिंचाई करानी पड़ रही है। पहाड़ों पर बर्फबारी न होने से सेब की फसल खराब होने की आशंका है।
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मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के मजबूत न होने से यह दिक्कत बनी हुई है। विक्षोभ के चलते जम्मू-कश्मीर में ही कुछ बारिश हो रही है, लेकिन उत्तराखंड में बादल आसमान पर घिरकर निकल रहे हैं।

चार दिन बाद ही मौसम में बदलाव
दूसरी ओर, मैदानी क्षेत्रों खासकर हरिद्वार, देहरादून और ऊधमसिंह नगर में कोहरा लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग के निदेशक आनंद शर्मा ने बताया कि चार दिन बाद ही मौसम में बदलाव हो सकता है। इसके बाद बारिश और बर्फबारी की संभावना व्यक्त की जा सकती है।

सेहत को भी नुकसान
सूखी सर्दी से लोगों की सेहत भी प्रभावित हो रही है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सर्दी, खांसी और जुकाम से पीड़ित हो रहा है। जानकारों का कहना है कि बारिश होने के बाद मौसम स्वास्थ्य के अनुकूल हो जाएगा, जिससे कम लोग बीमार पड़ेंगे।
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बारिश से प्रदूषण होगा कम
बारिश से प्रदूषण भी कम होगा। मानसून खत्म होने के बाद से लेकर अब तक बारिश न होने से धूल, धुएं के कण वातावरण में घुले हुए हैं। बारिश से ये सब छंट जाएंगे। इसके बाद प्रदूषणमुक्त वातावरण लोगों के लिए फायदेमंद होगा।
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