सड़कों पर हुड़दंग मचा रहे नशे में धुत कार सवार पहले एक युवक को टक्कर मारते हैं। भागने की फिराक में गाड़ी बैक करते हुए उसे रौंद डालते हैं।
शिकंजा कसने में नाकाम
राजधानी देहरादून में बुधवार रात की यह घटना नशे में सड़कों पर यमदूत बने वाहन चालकों की महज बानगी भर है। शराब पीकर लोगों की जान खतरे में डालने वाले वाहन चालकों पर पुलिस शिकंजा कसने में नाकाम है।
तीन महीने पहले दून पुलिस को ऐसे चालकों पर कार्रवाई के लिए 10 एल्कोमीटर मिले थे। कुछ दिन अभियान चलाने के बाद अब यह एल्कोमीटर जंग खा रहे हैं।
शुरुआत में पुलिस ने तय मात्रा से अधिक शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के चालान और पुलिस एक्ट में गिरफ्तारी तक के दावे किए। मगर कुछ दिनों ही एल्कोमीटर का इस्तेमाल बंद हो गया। पुलिस की चौकसी उड़न छू होते ही नशेड़ियों ने सड़क पर मौत का नंगा नाच शुरू कर दिया।
पुलिस ने 50 चालान भी नहीं किए
आंकड़ों की बात करें तो बीते एक माह में ट्रैफिक पुलिस ने 50 चालान भी नहीं किए। एसपी ट्रैफिक प्रदीप राय दावा करते हैं कि ट्रैफिक पुलिस के अलावा सभी थाना-चौकियों की पुलिस को भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अभियान चलाकर कार्रवाई होगी।
यहां रहता है ज्यादा खतरा
जाखन, राजपुर रोड, दिलाराम बाजार, जीएमएस रोड, ईसी रोड, हरिद्वार बाइपास, हरिद्वार रोड, आराघर, प्रेमनगर। इन जगहों पर खासतौर से हॉस्टल में रहने वाले लड़के देर रात शराब के नशे में वाहन चलाते नजर आते हैं।