सोमवार से अगर देहरादून के आसमान में आपको ड्रोन मंडराता दिखाई दे, तो चौंकियेग नहीं। दरअसल, एमडीडीए ट्रायल के तौर पर अगले एक माह दून में ड्रोन का इस्तेमाल करेगा। इसके जरिये अवैध निर्माण कार्यों पर नजर रखी जाएगी। इजराइली कंपनी ने प्राधिकरण को एक माह के फ्री ट्रायल के लिए ड्रोन उपलब्ध कराया है।
एमडीडीए ने कुछ समय पहले अवैध निर्माण कार्यों पर नजर रखने को ड्रोन खरीदने की कवायद शुरू की थी। हालांकि खुद प्राधिकरण के अधिकारियों ने इस खरीद पर सवाल उठाए थे।
हालांकि घूसकांड के बाद एमडीडीए ने फील्ड सुपरवाइजरों और चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को दफ्तर से अटैच कर दिया। जिससे अवैध निर्माण पर नजर रखने वाले कर्मचारियों की कमी हो गई। अब इस समस्या से निपटने को एमडीडीए गंभीरता से ड्रोन के विकल्प पर विचार कर रहा है।
बुधवार को इजराइली कंपनी ने एमडीडीए उपाध्यक्ष आर मीनाक्षी सुंदरम समेत अन्य अधिकारियों के सामने डेमो दिया। उन्होंने बताया कि अत्याधुनिक ड्रोन में तमाम तकनीकें मौजूद हैं।
इसके जरिये यदि लंबाई चौड़ाई और क्षेत्रफल निश्चित कर दिया जाए तो वह उसकी सटीक माप के फोटो ले सकता है। इससे अवैध निर्माण तुरंत चिन्हित हो सकेगा। इसके अलावा भवनों के क्षेत्रफल और उसके आधार पर टैक्स का एसेसमेंट भी आसानी से हो सकेगा।
फिलहाल कंपनी ने एक माह तक ट्रायल के लिए ड्रोन उपलब्ध कराया है। इसके साथ उनकी टेक्निकल टीम भी रहेगी जो हमारे कर्मियों को ट्रेनिंग देगी। ट्रायल के रिजल्ट के आधार पर इसकी खरीद पर निर्णय लिया जाएगा।
- आर मीनाक्षी सुंदरम, उपाध्यक्ष, एमडीडीए