मंगलवार से जब किसी टैक्सी, मैक्सी कैब और विक्रम से यात्रा करेंगे तो इनके चालकों से आपकी किचकिच हो सकती है।
हाईकोर्ट के एक आदेश का पालन कराने के लिए संभागीय परिवहन विभाग की टीमें उक्त वाहनों की चेकिंग करेंगी। वाहन चालक यदि नियमों का पालन नहीं करेगा तो उसका चालान किया जाएगा।
वाहन चालक डालेंगे सवारिया
इस वजह से वाहन चालक नियमों का पालन कराने के लिए सवारियों पर दबाव डालेंगे। ऐसे में जरूरी है कि आप हाईकोर्ट के नियम को समझ लें और उसका पालन करें। वाहन चालकों के लिए भी यह बहुत जरूरी है।
हाईकोर्ट के एक आदेश के मुताबिक मंगलवार से राज्य में चलने वाली टैक्सी, मैक्सी कैब और विक्रम संचालकों को अपने पास एक लॉग बुक रखनी होगी। सवारी को बैठाने से पहले वाहन चालकों को लॉग बुक में सवारी का नाम, पता और उम्र का ब्योरा दर्ज करना होगा।
किराये की रसीद देनी होगी
जब सवारी अपने गंतव्य तक पहुंच जाएगी तो वाहन चालकों को यात्री को किराये की रसीद देनी होगी। वाहन चालकों को अपने पास एक रजिस्टर भी रखना होगा, जिसमें प्रतिदिन उसके वाहन में कितनी सवारियों ने यात्रा की, उसका ब्योरा दर्ज करना होगा।
हाईकोर्ट ने वाहन संचालकों को यह भी आदेश दिया है कि वह सवारी को किराये की रसीद भी दें। हाईकोर्ट ने सोमवार को यह निर्णय दिया, जिसके बाद संभागीय परिवहन विभाग ने दून शहर के लिए चार टीमें गठित कर दी।
चारों टीमें मंगलवार से शहर में उतर कर नियम के अंतर्गत आने वाले वाहनों के खिलाफ चेकिंग अभियान चलाएंगी। हाईकोर्ट में सिटी बस संचालक प्रशांत डोभाल और भीम सिंह ने विक्रम और टाटा मैजिक के खिलाफ याचिकाएं दाखिल की थी।
दोनों याचिकाओं को संयुक्त करते हुए हाईकोर्ट ने सोमवार को आरटीओ दून दिनेश चंद्र पठोई से पूर्व में दिए गए अपने निर्णयों पर हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी। पठोई की तरफ से कहा गया कि संबंधित मामलों में कार्रवाई की जा रही है।
इसके बाद अदालत ने आरटीओ को उत्तराखंड मोटरयान नियमावली-2011 के नियम-71 के तहत आदेश दिया कि प्रदेश के सभी ठेका परमिट (आटो को छोड़कर) वाहनों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए लॉग बुक रखे जाएं।
विक्रम वालों को होगी परेशानी
अदालत के आदेश के बाद सब से अधिक परेशानी विक्रम संचालकों और उसमें यात्रा करने वालों को होगी। अभी विक्रम में वालों के पास ठेका परमिट है लेकिन वह चलते स्टेज कैरिज की तरह हैं। फिलहाल सभी विक्रम वालों का एक रूट तय है।
वह एक-एक सवारियां चढ़ाते और उतारते हैं। तीन से चार किमी पर विक्रम वालों की सवारियां बदल जाती हैं, ऐसे में कोर्ट का आदेश का पालन करना न तो विक्रम वालों के लिए संभव है और न ही उनकी सवारियों के लिए।
712 विक्रम वाले होंगे प्रभावित
हाईकोर्ट के आदेश की जद में वही विक्रम वाले आएंगे, जिन्होंने ठेका परमिट लिया है। यानी जिन विक्रम संचालकों ने आठ सवारियों (सात सवारी और एक चालक) का परमिट लिया है।
बता दें कि देहरादून में अधिकतर विक्रम सिक्स प्लस वन परमिट वाले हैं। ऐसे में करीब 712 विक्रम वाले अदालत के आदेश की जद में आएंगे। इसके अलावा टाटा मैजिक, विंगर, टैक्सी कोटे में चलने वाले वाहन भी अदालत के आदेश से प्रभावित होंगे।
कुछ समय पहले ही यह जानकारी मिली है। फिलहाल इसका अध्ययन करने के बाद ही पता चलेगा कि इसका किस तरह से पालन किया जाए।
- संजय अरोड़ा, अध्यक्ष, प्रेम नगर रूट विक्रम यूनियन
नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश को तामील कराने के लिए दून में चार टीमें बना दी गई हैं। टीमें मंगलवार से सड़कों पर उतर कर अदालत के नियमों का पालन कराने की हर संभव कोशिश करेंगी।
- संदीप सैनी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी