विकासनगर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विकासनगर अभिषेक कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने वर्ष 2015 के सड़क हादसे में दो युवकों की मौत के मामले में कालसी तहसील के ग्राम नेहरा निवासी सुनील भट्ट हाल निवासी देहरादून रायपुर लाडपुर को दोषमुक्त कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर सका कि हादसा आरोपी की लापरवाही से हुआ था। प्रत्यक्ष साक्ष्यों और जांच में कई विरोधाभास मिलने पर आरोपी को संदेह का लाभ दिया गया।
वर्ष 2015 में कलिंदी अस्पताल के पास हुए हादसे में बाइक सवार आशीष और पुनीत की मौत हो गई थी। घटना के बाद अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने सुनील भट्ट को आरोपी बनाकर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी सामने नहीं आया। जिन गवाहों के आधार पर आरोपी को जिम्मेदार ठहराया गया, उनके बयानों में भी कई विरोधाभास थे। अदालत ने यह भी माना कि जांच में पर्याप्त और ठोस साक्ष्य नहीं जुटाए जा सके।
ऐसे में अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ आरोप संदेह से परे सिद्ध करने में असफल रहा। इसके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषमुक्त कर दिया।