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Dehradun News: खोदाई से टूट रही पेयजल लाइन, आपूर्ति हो रही ठप

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शहर के विभिन्न इलाकों में खोदाई के दौरान पेयजल लाइन टूट जा रही है। इससे क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति ठप हो जाती है और लोगों को गर्मी के दिनों में पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। लाइन टूटने के बाद संबंधित एजेंसी न तो सही कराती और न जल संस्थान को सूचना दे रही है। सबसे अधिक परेशानी मोथरोवाला और बंजारावाला में है।
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दरअसल, एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) पोषित योजना के तहत उत्तराखंड अर्बन सेक्टर डेवेलपमेंट एजेंसी (यूयूएसडीए) की ओर से शहर में सीवर लाइन डालने का काम किया जा रहा है। लाइन डालने के लिए सड़क की खोदाई की जाती है। इस बीच सैकड़ों घरों में जाने वाली पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो रही है। ऐसे में पेयजल आपूर्ति ठप हो जाती है। एजेंसी की ओर से पाइप लाइन ठीक कराने का प्रयास नहीं किया जाता और जस का तस छोड़ दिया जा रहा है। इसके बाद जल संस्थान को जब जानकारी मिलती है तब तक हजारों लीटर पानी बर्बाद हो जाता है। जल संस्थान और यूयूएसडीए के बीच तालमेल न होने की वजह से लोगों को कई दिनों तक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
कारगी चौक, बंजारावाला, मोथरोवाला, पशुपालन निदेशालय के पास, केदारपुरम आदि क्षेत्रों में पिछले एक साल से काम चल रहा है। इन क्षेत्रोें में रोजाना आठ से 10 लीकेज हो रहे हैं। पित्थूवाला डिवीजन की बंगाली कोठी इकाई के जूनियर इंजीनियर सत्येंद्र सिंह रावत ने बताया कि लाइन टूटने की सबसे अधिक दिक्कत मोथरोवाला और बंजारावाला में देखने को मिल रही है।
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पेयजल की आपूर्ति शुरू करते हैं तो पता चलता है कि पाइप लाइन कई जगह से टूटी है। इस वजह से पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

काम शुरू करने से पहले देनी चाहिए सूचना
जल संस्थान का कहना है कि यूयूएसडीए की टीम जिस जगह काम की योजना बनाती है, इसकी जानकारी जल संस्थान को पहले ही दे दे तो पेयजल लाइन टूटने संबंधी समस्या को तुरंत ठीक किया जा सकता है।
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जल संस्थान की ओर से एनओसी मिलने के बाद ही कार्य शुरू किया है। इसके अलावा कहां पर कार्य किया जा रहा है, इस संबंध में पूरी जानकारी जल संस्थान को होती है। किसी विशेष जगह की बात है तो विभाग की ओर से इसे दिखवा लिया जाएगा।
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- चंद्रेश कुमार, डायरेक्टर, यूयूएसडीए
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