मेहूंवाला पेयजल क्लस्टर योजना के तहत पेयजल निगम ने करीब चार हजार अवैध कनेक्शन पकड़े हैं। इन अवैध कनेक्शनों को अब वैध किया जा रहा है। निगम अभी तक करीब ढाई हजार कनेक्शनों को वैध कर चुका है। विभाग का दावा है कि जैसे-जैसे योजना के तहत मीटर लगाने की कार्रवाई जा रही है, अवैध कनेक्शनों की संख्या सामने आ रही है। अभी अवैध कनेक्शनों की संख्या और बढ़ सकती है।
दरअसल, चंंद्रबनी से आरकेडिया और ईस्ट होपटाउन में पहले जल संस्थान पेयजल की सप्लाई करता था। विगत तीन साल पहले इन इलाकों के लिए पेरी अरबन योजना के तहत मेहूंवाला पेयजल क्लस्टर योजना शुरू की गई। जिसके बाद इन क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था पेयजल योजना को सौंप दी गई। योजना के तहत जब पेयजल निगम ने घरों का सर्वे शुरू किया और मीटर लगाने लगा तो बड़ी संख्या में अवैध कनेक्शन सामने आए। अभी तक पेयजल निगम इन क्षेत्रों में चार हजार से ज्यादा अवैध कनेक्शन पकड़ चुका है। अभी मीटर लगाने का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। ईई पेयजल निगम विश्व बैंक परियोजना मोहम्मद हसन ने बताया कि करीब ढाई हजार कनेक्शनों को वैध किया जा चुका है। अन्य कनेक्शनों को भी वैध करने की कार्रवाई की जा रही है।
कैंट क्षेत्र में फर्जी तरीके से भवन निर्माण के लिए कनेक्शन देने का आरोप
पेयजल निगम की ओर से कैंट क्षेत्र में फर्जी तरीके से कनेक्शन देने का मामला सामने आया है। हालांकि, मामला सामने आने के बाद विभाग ने कनेक्शन को निरस्त कर दिया और संबंधित के पैसे भी वापस कर दिए हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता बीरू बिष्ट ने बताया कि कैंट क्षेत्र में आने वाले उपभोक्ताओं को पेयजल निगम ने पानी उपलब्ध कराने से मना कर दिया है। बाकायदा निगम ने कैंट क्षेत्र में आने वाले मोहनपुर, ग्रीन वैली, न्यू कॉलोनी, स्मिथनगर में बिल वसूलने भी बंद कर दिए हैं। लेकिन, ग्रीन वैली में निगम की ओर से एक व्यक्ति को फर्जी आधार पर कनेक्शन जारी कर दिया गया। इससे आसपास के लोगों में आक्रोश है। उधर, ईई पेयजल निगम विश्व बैंक परियोजना मोहम्मद हसन ने बताया कि यह कनेक्शन गलती से दे दिया गया था, जिसे निरस्त कर दिया है।