फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बनाना था डॉक्टर, इंजीनियर पर बने IS की 'कठपुतली'

Fri, 22 Jan 2016 04:37 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, रुड़की
विज्ञापन
विज्ञापन
रुड़की में लंढौरा कस्बे के चार परिवारों ने अपने बेटों को लेकर क्या-क्या सपने संजोए थे, लेकिन आतंकी गतिविधियों में गिरफ्तारी से उनकी सारी उम्मीदें एक झटके में बिखर गई।
विज्ञापन


गिरफ्तार ओसामा जहां आईएएस अफसर बनना चाहता था। वहीं बीएएमएस की पढ़ाई कर रहा मेराज डॉक्टर और पॉलीटेक्निक का छात्र अखलाक इंजीनियर बनना चाहता था। अजीमुस्सान उर्फ अजीम को भी उसका परिवार अफसर बनता देखना चाहता था। मगर अब तस्वीर इन सबके उलट नजर आ रही है।

लंढौरा से सटे जौरासी गांव निवासी ओसामा की मां रशीदा ने सुबकते-सुबकते कहा कि अच्छी पढ़ाई-लिखाई के बाद वह ओसामा को आईएएस की तैयारी कराना चाहते थे। कॉलेज से आने के बाद वह भाई के साथ खेतीबाड़ी में भी सहयोग करता था।
विज्ञापन


अखलाक का परिवार उसे तंगहाली में भी इंजीनियरिंग की पढ़ाई करवा रहे थे। उनका ख्वाब था कि बेटा एक काबिल इंजीनियर बने। बीएएमएस में पढ़ रहे मेराज के भाई सरफराज चाहते थे कि उसका छोटा भाई डॉक्टर बनकर मरीजों के दुख-दर्द दूर करे। अजीमुस्सान को अफसर बनाने के लिए परिवार बीए की पढ़ाई के साथ-साथ कोचिंग भी करवा रहे थे। लेकिन आतंकी संगठनों के बहकावे में होनहार छात्रों के कदम डगमगा गए।
Trending Videos

दिलासा देने पहुंच रहे रिश्तेदार

युवकों की गिरफ्तारी अखबारों और समाचार चैनलों की सुर्खियां बनने पर रिश्तेदारों को भी खबर पहुंच गई। रिश्तेदार पहले मोबाइल से परिवारों का हाल-चाल पूछ रहे हैं। उसके बाद रिश्तेदार दिलासा देने परिवार से मिलने पहुंच रहे हैं।

ओसामा के घर पहुंचे उसके मामा अब्दुल हमीद को यकीन ही नहीं है कि उनका भांजा ऐसा कुछ कर सकता है। गिरफ्तारी के बाद से ओसामा की मां की तबियत बिगड़ी हुई है। ओसामा की तीन बहनें हाजरा, सायरा और जैनब भी गमगीन हैं। यही हाल अखलाक के भाई कमरुल हसन का है।

भरोसा लेकर लौटे युवकों के परिजन
गिरफ्तार छात्रों से मिलकर उनके परिजन बृहस्पतिवार को घर लौट आए। परिजनों ने बताया कि टीम ने उन्हें चारों से मिलवाया। साथ ही भरोसा दिलाया है कि चारों युवकों की जांच की जा रही है।

कोई गलत बात न पाई गई तो छोड़ दिया जाएगा। परिवार के मुताबिक टीम के आला अधिकारियों ने उन्हें यह भी कहा कि हमने इन्हें बचा लिया है। यह नौजवान गलत लोगों के हाथों में पड़ रहे थे।
विज्ञापन

कोडवर्ड में चलता था संदिग्धों का नेटवर्क

आतंकी संगठनों से संपर्क रखने के आरोप में गिरफ्तार किए गए युवकों का नेटवर्क निर्धारित किए गए कोड वर्ड में चलता था। उदाहरण के तौर पर जब उन्हें काम हो गया को मुराद पूरी हो गई और बारूद लाना है को डाक्टर दवा लेकर आ रहा है जैसे शब्द इस्तेमाल में लाए जाते रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार इन चारों की गिरफ्तारी के बाद यह बातें भी सामने आई कि चार और संदिग्धों की अभी पुलिस को और तलाश है। ये सभी हरिद्वार में सक्रिय बताए जा रहे हैं। इन  संकेतों के बाद हरिद्वार में सुपर हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।

खुफिया तंत्र के सूत्रों के अनुसार दिल्ली में संदिग्धों से की जा रही पूछताछ के दौरान इस तरह की बातें सामने आ रही है। सूत्रों के अनुसार उन्होंने बताया कि हरिद्वार में कई ऐसे स्थान उन्होंने चिह्नित किए थे जहां धमाके किए जाने थे।

इस बीच पुलिस ने अब हरिद्वार के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले बाहरी छात्रों का भी नए सिरे से सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। एसएसपी सैंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने बताया कि बाहर से आकर यहां विभिन्न संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों का भी नए सिरे से सत्यापन कराया जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें