विश्व बैंक पोषित मेहूंवाला पेयजल क्लस्टर योजना के तय समय पर पूरा होने पर संशय पैदा हो गया है। अभी पेयजल लाइनों के बिछाने का काफी कार्य अधूरा है, ऊपर से लोनिवि ने बारिश को देखते हुए लाइनों के लिए रोड कटिंग पर रोक लगा दी है। हालांकि, पेयजल निगम का कहना है कि इस बाबत लोनिवि से बात की जाएगी। बरसात में लाइनों की खोदाई के दौरान लोगों को कोई दिक्कत न हो इसका पूरा ख्याल रखा जाएगा।
पेयजल योजना के कार्य का शुभारंभ 2020 में हुआ था। 164 करोड़ की योजना के तहत सहसपुर और धर्मपुर विस क्षेत्र के अर्द्धनगरीय क्षेत्र के 48 बस्तियों में 16 घंटे निर्बाध पेयजल आपूर्ति उपलब्ध कराना है। योजना सफल होने पर इसे अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा। योजना को जून 2022 में धरातल पर उतारने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन कोरोना के चलते इसकी डेडलाइन नवंबर 2022 तक बढ़ा दी गई, लेकिन तय समय में योजना के धरातल पर उतरने पर संशय बना हुआ है। इसकी वजह योजना के तहत अभी भी काफी कार्य अधूरा होना है।
अभी न तो पूरे ट्यूबवेल तैयार हो पाए हैं और न ही ओवरहेड टैंकों का निर्माण। कई जगह अभी भी लाइन बिछाने का कार्य भी पूरा नहीं हुआ है। बारिश में खोदाई से लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए अब पीडब्ल्यूडी ने सड़कों की खोदाई की अनुमति देने से इनकार कर दिया है, जिससे संकट और बढ़ गया है। उधर, पेयजल निगम के महाप्रबंधक सीताराम ने कहा कि रोड कटिंग पर रोक लगाने के मामले में शासन से बात की जाएगी, क्योंकि यह जनहित का मामला है। लोगों को खोदाई के कारण दिक्कत न हो, इसके लिए संबंधित कंपनी के ठेकेदार को जरूरी निर्देश दिए जाएंगे।