देहरादून स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव केंद्र को भेज दिया गया है। शासन ने 350 एकड़ भूमि का प्रस्ताव भेजा है।
जनवरी माह में इस प्रस्ताव पर कुछ हद तक तस्वीर साफ होने की उम्मीद है। अगर दून का नाम पहले 20 शहरों की सूची में आया तो एमडीडीए को इस प्रस्ताव को और बेहतर बनाना होगा। इसके बाद ही मार्च में केंद्र सरकार से सौ करोड़ रुपए का फंड मिल पाएगा।
स्मार्ट सिटी योजना के नोडल अधिकारी आर मीनाक्षी सुंदरम के मुताबिक प्रस्ताव को शहरी विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। उच्चाधिकार प्राप्त समिति से अनुमोदित प्रस्ताव को ही केंद्र को भेजा गया है। हालांकि शासन यह भी स्वीकार कर रहा है कि पहले 20 शहरों में प्रस्ताव का शामिल होना आसान नहीं है।
वैसे स्मार्ट सिटी के कॉन्सेप्ट में खास बात यह है कि इसमें स्मार्ट समाधान की बात की जा रही है। ऐसे में जिसका प्रस्ताव अधिक नागरिकों के जीवन स्तर को उठाने वाला होगा, वह उतना दमदार माना जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, देहरादून के स्मार्ट शहर का प्रस्ताव 350 एकड़ का ही भेजा गया है।
इसमें पर्सनल रेपिड ट्रांजिट (पीआरटी) को हटाने के अलावा और कोई खास बदलाव नहीं किया गया। चुनिंदा प्रस्तावों में शामिल होने के बाद इन प्रस्तावों को और बेहतर बनाने के लिए मशक्कत होगी। इसके बाद चयनित प्रस्तावों को ही केंद्र से फंडिंग मिलेगी।