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दून के दिल घंटाघर की धड़कनें फिर गड़बड़ाई

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दून का दिल कहे जाने वाले ऐतिहासिक घंटाघर की धड़कन फिर गड़बड़ाने लगी है। इसकी एक घड़ी इन दिनों गलत समय बता रही है। फरवरी 2020 में अंतिम बार इन्हें ठीक कराया गया था। नगर निगम का कहना है कि ऐसा बैटरी की कमी से हो रहा है। इनकी बैटरियां बदलकर ठीक कर दिया जाएगा।
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देहरादून के घंटाघर की घड़ियां वर्ष 2007 में बंद हो गईं थी। इसके बाद कई बार योजना बनी कि सौंदर्यीकरण कराने के बाद घड़ियों को भी ठीक किया जाए। नगर निगम ने 12 साल बाद वर्ष 2019 में इसकी सुध ली। बंगलूरू से नौ लाख रुपये में इन घड़ियों को मंगवाया गया। नवंबर 2019 में इन घड़ियों को चालू कर दिया गया। कंपनी ने बाकायदा घड़ियों के लिए एक निश्चित समय की गारंटी दी थी। मगर, फरवरी 2020 में ये घड़ियां फिर बंद हो गईं। इस पर नगर निगम ने इंजीनियरों को बुलाकर फिर से इन्हें दुरुस्त कराया। इस बीच कुछ समय इसकी एक घड़ी का समय फिर गड़बड़ाने लगा है। मेयर सुनील उनियाल गामा का कहना है कि मेंटेनेंस देखने वाले अधिकारियों से बात हुई। वहां एक घड़ी बंद पड़ी है और पांच चल रही हैं। इसका कारण बैटरी खराब होना बताया जा रहा है। जहां तक समय अलग-अलग बताने की बात है तो इसे भी ठीक कराया जाएगा। जल्द ही बैटरी बदलवा दी जाएगी।
अकेला छह घड़ियों वाला घंटाघर है दून का
देहरादून का घंटाघर अंग्रेजी शासनकाल में बना था। एशिया में यह अपनी तरह का पहला ऐसा घंटाघर है जिसमें छह घड़ियां हैं। षट्कोणीय आकार का यह घंटाघर सबसे बड़ा भी बताया जाता है। आमतौर पर चार घड़ियों वाले ही घंटाघर होते हैं।
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