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दून अस्पताल में नहीं हो रही ब्रेस्ट कैंसर की जांच

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राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में करीब एक साल से ब्रेस्ट कैंसर की जांच नहीं हो पा रही है। इससे महिलाएं निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक केंद्रों से जांच कराने को मजबूर हैं। दून अस्पताल प्रबंधन दावा कर रहा है कि सोमवार से जांच शुरू कर दी जाएंगी।
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ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए दून अस्पताल को वर्ष 2018 में हंस फाउंडेशन ने मेमोग्राफी मोबाइल वैन दान की थी। खासकर पहाड़ के ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाओं में बढ़ रहे ब्रेस्ट कैंसर को देखते हुए यह वैन दी गई थी। इसके लिए बाकायदा एक रेडियोलॉजिस्ट और जरूरी स्टाफ भी तैनात किया गया था। दून अस्पताल के अलावा वैन को शिविरों में ले जाकर भी जांच की जाती थी। इस मेमोग्राफी मोबाइल वैन मशीन से रोजाना औसतन 15 महिलाओं की जांच होती थी। कोरोना काल शुरू होने पर दून अस्पताल के कोविड अस्पताल के रूप में तब्दील होने के बाद यह जांच भी बंद हो गई। तब से यह मोबाइल वैन दून अस्पताल परिसर में ही खड़ी है।
अब अस्पताल में ओपीडी, सामान्य मरीज भर्ती और ऑपरेशन शुरू हो गए हैं, लेकिन इस मोबाइल मशीन से जांच शुरू नहीं हो पाई हैं। दून अस्पताल में यह जांच 400 रुपये में हो जाती है। जबकि, निजी अस्पतालों में इसके लिए दो से ढाई हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी महेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि कोरोना काल में जांच बंद हो गई थी। अब सोमवार से जांच शुरू होने जा रही है। साथ ही कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के माध्यम से लगने वाले शिविरों में भी मेमोग्राफी मोबाइल वैन ले जाकर ब्रेस्ट कैंसर की जांच की जाएगी।
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