सामान्य परिवार में जन्म होने के बावजूद राजीव गुप्ता अपने कर्म से असाधारण बन चुके है। 16 साल पहले देहरादून में अपने एक पड़ोसी को खून देकर उसकी जान बचाने के बाद से उनके अंदर ऐसा जुनून पैदा हुआ जो अब थामने का नाम नहीं ले रहा।
50 बार रक्तदान
रुड़की के चाव मंडी निवासी राजीव गुप्ता 49 साल में भी समाज सेवा करने से पीछे नहीं हट रहे। करीब 16 साल में वह 50 बार रक्तदान कर कई लोगों का जीवन बचा चुके है। उनके अंदर सेवा का यह भाव ऐसे नहीं आया है।
बल्कि एक घटना ने उनके अंदर लोगों की जान बचाने का जूनून पैदा कर दिया। राजीव गुप्ता प्राइवेट जॉब करते है। वर्ष 1998 में उनके एक पड़ोसी की अचानक तबियत बेहद खराब हो गई। जिसे गंभीर हालत में देहरादून भर्ती कराया गया।
राजीव गुप्ता भी पड़ोसी होने के नाते उनके साथ देहरादून चले गए। यहां पर ए पॉजिटिव खून की जररुत पड़ी। राजीव गुप्ता का ब्लड ग्रुप मैच कर गया। उन्होंने खून देकर अपने पड़ोसी की जान बचा ली। इसके बाद उनके अंदर ऐसी प्रेरणा जगी की उन्होंने डूबती जिंदगी बचाने का फैसला ले डाला।
16 सालों से वह रक्तदान करते आ रहे है। शहर में जहां कहीं भी ब्लड कैंप लगता है, वह अपना सब काम धाम छोड़कर रक्तदान करने निकल पड़ते है। शहर के लोग भी उनके इस जज्बे को सलाम करते है।