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इस कुत्ते का शाही अंदाज देख दंग होंगे आप

Tue, 23 Dec 2014 08:51 AM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
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खूबसूरती बेमिसाल, नजाकत भी जुदा, एक इशारे पर ऊंची छलांग...। कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला देहरादून में।
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दून वैली कैनल क्लब के 50वें और 51वें गोल्डन जुबली डॉग शो में नौ राज्यों के 250 से ज्यादा कुत्तों ने प्रतिस्पर्धाओं में दम दिखाया। इस दौरान कई चैंपियन खिताब बचाने के लिए मैदान में उतरे। अलग-अलग श्रेणियों में विभिन्न ब्रीड के कुत्तों को पुरस्कृत किया गया।

रेंजर्स ग्राउंड में रविवार सुबह से कुत्तों के शौकीन जुटने शुरू हो गए। इस मौके पर कई लोग अपने कुत्तों की ग्रूमिंग कराकर पहुंचे। शो में अफगान हाउंड, पूडल, फॉक्स टेरियर, समोएड, ग्रेट डेन, बॉक्सर समेत करीब 40 नस्ल के कुत्ते शामिल हुए।
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तमिलनाडु से आए डी कृष्णामूर्ति, दिल्ली से आए राजीव शांडिल्य और रूस से आई एलेना कुलोशोवा ने विभिन्न आयामों पर कुत्तों का हुनर परखा। हर ब्रीड के लिए अलग-अलग स्पर्धाएं हुईं। दौड़, आज्ञा पालन के अलावा खूबसूरती में भी कुत्तों को लोगों की तालियां मिलीं।

इन राज्यों से आए कुत्ते
उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड।

कहीं देखा है 70 लाख का अफगान हाउंड

अपनी कीमत, खुराक और रख-रखाव के बेहिसाब खर्च को लेकर बेंगलुरु के नागराज शेट्टी का अफगान हाउंड डॉग शो का खास आकर्षण बन गया। अफगानी नस्ल के इस कुत्ते को देखने और फोटो खिंचवाने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।

बेंगलुरु से इसे लेकर आए पवन ने बताया कि भारत में इस नस्ल का बच्चा करीब सात लाख में मिलता है। ऐसे में पांच साल के इस कुत्ते की कीमत करीब 70 लाख तक हो जाती है।

इसकी लंबाई 24 से 29 इंच और वजन 45 से 60 पाउंड होता है। इसके खान-पान पर रोजाना दो हजार का खर्च है। साज-सज्जा और दूसरे खर्च अलग हैं। इसके रहने के लिए भी विशेष इंतजाम करने पड़ते हैं।

द मास्क में दिखा था जैक रसेल
दिल्ली के ही राजीव शर्मा शो में अपना जैक रसेल टेरियर लेकर पहुंचे। शर्मा के मुताबिक वर्ष 1994 में आई हॉलीवुड फिल्म‘द मास्क’ में जैक ने धमाल मचा दिया था।

यह बेहद सतर्क और छोटे शिकार में माहिर नस्ल है। परेशानी यह है कि इसी नस्ल की फीमेल डॉग नहीं मिल पाई, जिससे इसकी नस्ल आगे बढ़ सके।

यह प्रजातियां रही खास

इस बार शो में शी जू, शारपाई, चाऊ-चाऊ, फ्रेंच बुलडॉग, पेकिंजिस, अमेरिकन स्टेफॉर्डशायर, ब्रिटिश बुल, जैक रसेल टेरियर, साइबेरियन हस्की जैसी प्रजातियां आकर्षण का केंद्र रही। शो में नस्लों की जानकारी के साथ शौकीनों को कुत्ता खरीद के लिए बाजार भी मुहैया कराया गया।

एक लाख का टाय पूडल
शो में आए कई कुत्ता मालिक विशेष ब्रीड के बच्चे बेचने के लिए लाए थे। ज्यादातर नस्लों के बच्चे करीब 50 हजार रुपए तक थे। दिल्ली से आए संजीव ने बताया कि उनका विशेष नस्ल टॉय पूडल का बच्चा एक लाख रुपए का है।

ऐसे ही कई और बच्चे महंगे दामों में बिके। शो में क्लब चेयरमैन डॉ. वीके शर्मा, प्रेसीडेंट राजेश गुलाटी, सचिव नवनीत चौधरी आदि रहे।

यह बने विजेता
50वीं चैंपियनशिप
स्टैंडर्ड पूडल, सागर शेट्टी बेंगलुरु
ग्रेट डैन, विद्या रतन मेरठ
रोटविलर, आदर्श छिब्बर अमृतसर

51वीं चैंपियनशिप
अफगान हाउंड, नागराज शेट्टी, बेंगलुरु
स्टैंडर्ड पूडल, सागर शेट्टी, बेंगलुरु
रोटविलर, आदर्श छिब्बर, अमृतसर
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कुत्तों के लिए छोड़ी दी बैंक मैनेजर की नौकरी

डॉग शो में वैसे तो कई लोग आए, लेकिन एक शख्स ऐसा भी था, जिसने कुत्तों की दीवानगी में बैंक मैनेजर की नौकरी छोड़ दी। दिल्ली से आए संजीव ने बताया कि वह एक निजी बैंक में शाखा प्रबंधक थे। कुत्तों से उन्हें बेहद लगाव था।

इसीलिए नौकरी छोड़कर कुत्तों की ग्रूमिंग का बिजनेस शुरू कर दिया। इसके लिए थाईलैंड से खासतौर पर ग्रूमिंग कोर्स भी किया। ग्रूमिंग के साथ ही वह लोगों को बेहतरीन नस्ल के कुत्तों की देखभाल के टिप्स भी देते हैं। हाथ की कलाकारी दिखाने के लिए वह टॉय पूडल नस्ल के खूबसूरत कुत्ते साथ लाए थे।

चीन शाही परिवार से आया पैकेनीज
दिल्ली के चरण पाल सिंह शो में अपना पैकनीज नस्ल का कुत्ता लेकर आए। देखने में बेहद खूबसूरत इस नस्ल के बाबत चरणपाल सिंह ने बताया कि वर्ष 1800 से पहले यह प्रजाति सिर्फ चीन के शाही परिवार के पास थी।

इसके बाद दूसरे देशों तक इसकी पहुंच हुई। इसकी इसी खासियत को देखते हुए इसे अपने पास रखा है। सिंह के मुताबिक यह पैकनीज हर प्रतियोगिता में ‘बेस्ट आफ ब्रीड’ खिताब जीतता है।

गुड़गांव से आया ‘बॉक्सर’ भाई
शो में गुड़गांव निवासी कर्नल एसके डागर (रिटायर) यूरोप, अमेरिका में मिलने वाला बॉक्सर नस्ल का कुत्ता लेकर पहुंचे। कर्नल ने बताया कि यह नस्ल ताकत के लिए मशहूर है।

अमेरिकन नस्ल ग्रेट डेन लेकर आए दिल्ली निवासी ठाकुर राकेश ने बताया कि यह कई काम करने में माहिर है। राजपुरा पटियाला से आए नवीन बुलडॉग लेकर आए। जयपुर से उत्कर्ष राठौर फॉक्स टेरियर, मेरठ निवासी अवनीश साइबेरियन हस्की के साथ पहुंचे।
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