भाजपा प्रदर्शन के दौरान घायल हुए पुलिस के घोड़े शक्तिमान के पैर बचाने के लिए डॉक्टरों की टीम हर संभव कोशिश कर रही है। मंगलवार को शक्तिमान की टूटी पैर की हड्डी जोड़ने के लिए मंगलवार को सर्जरी की गई। पंतनगर से आए डॉक्टरों की टीम को ऑपरेशन करने में तीन घंटे से अधिक का समय लगा।
पुलिस लाइन में टेंट के भीतर बनाए गए ऑपरेशन थिएटर में उसका ऑपरेशन किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक अगले 15 दिन घोडे़ को बेहद देखभाल की जरूरत है क्योंकि संक्रमण फैलने की आशंका है। चेन्नई के विशेषज्ञों से राय के बाद फिलहाल पैर काटने के बजाय सर्जरी को तवज्जो दी गई है।
भाजपा विधानसभा घेराव के दौरान हमला कर पुलिस के घोड़े शक्तिमान के पैर की हड्डी टूटने के मामले में मसूरी विधायक गणेश जोशी समेत कई अन्य भाजपाइयों के खिलाफ नेहरू कॉलोनी में केस दर्ज कराया गया था। रात में घोड़े को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
पैर काटने की बजाय सर्जरी का किया फैसला, देखें VIDEO
घोड़े का इलाज करते डॉक्टर
- फोटो : AmarUjala
उधर मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पंतनगर पशु चिकित्सा विभाग के सर्जन डॉ. एके दास की अगुवाई में टीम सुबह यहां पहुंच गई। डॉ. दास ने डॉ. मीर टुफेल, डॉ. अरुण सैनी, डॉ. रमनप्रीत, डॉ. कुमार कौशल, डॉ. राके श नेगी, कैलाश उनियाल और राजकुमारी के साथ शक्तिमान का उपचार शुरू किया।
एक्स-रे आदि कराने के बाद चेन्नई के डॉक्टरों से राय मशविरा करने के बाद सर्जरी का फैसला लिया गया। सर्जरी में करीब तीन घंटे लगे। आईएमए वेटरनिटी से आए कर्नल प्रदीप राय से भी मशविरा किया गया। इस दौरान अपर पुलिस महानिदेशक अभिसूचना अशोक कुमार, एसएसपी डॉ. सदानंद दाते, एसपी ट्रैफिक धीरेन्द्र गुंज्याल और सहायक पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी भी मौजूद रहे।
‘आपरेशन सफल रहा है। घोडे़ की केयर के लिए अलग से टीम गठित की गई है, जो हर समय उस पर नजर रखेगी। इस समय घोड़े को बेहद केयर की जरूरत है।’
-डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी
ऑपरेशन के बाद शाम को खाई घास
परेड के दौरान शक्तिमान।
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जख्मी शक्तिमान ने मंगलवार को दिन भर कुछ नहीं खाया। तीन घंटे के आपरेशन के बाद घोड़े की स्थिति में कुछ सुधार आया और शाम को उसने थोड़ी हरी घास खाई। इस पर डॉक्टरों की टीम ने राहत जताई है।
दिल्ली से खरीदा गया था शक्तिमान
उत्तराखंड पुलिस ने काठियावाड़ी देसी नस्ल के शक्तिमान को 18 मार्च 2006 को दिल्ली के खेड़ा कलां निवासी शिवचरण राणा से खरीदा गया था। घोडे़ की रणजीत सिंह एकेडमी में ट्रेनिंग हुई थी। शक्तिमान ने 2011 में आपदा केदारनाथ ड्यूटी और 2012 में कांवड़ ड्यूटी को बखूबी अंजाम दिया था। 14 बरस के सफेद अश्व ने 15 अगस्त और 26 जनवरी की परेड में भी भाग लेता था।