बड़े नोट बंद करने के फैसले पर रुड़की के चिकित्सकों ने प्रधानमंत्री मोदी की सराहना करते हुए कहा कि कालेधन और भ्रष्टाचार रूपी बीमारी के खात्मे के लिए यह सख्त कदम उठाना जरूरी था। हालांकि इस समय परेशानी जरूर हो रही है लेकिन इसे कुछ दिन और सहन किया जा सकता है।
आईएमए से जुड़े सर्जन डॉ. जेपी नैय्यर का कहना है कि बड़े नोट बंद करना देशहित में उठाया गया अभी तक का बड़ा कदम है। आर्थो सर्जन डॉ. नवीन अग्रोही का कहना है कि बड़े नोट बंद होने से निश्चित रूप से कालाधन और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण कुमार ने भी प्रधानमंत्री की ओर से उठाए गए कदम की सराहना की।
डॉ. नवीन अग्रोही, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. हेमंत गुप्ता, डॉ. सुरेंद्र कौशिक (बाएं से दाएं)
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पैथोलॉजिस्ट और आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र कौशिक का कहना है कि मोदी सरकार की ओर से उठाए गए कदम से कुछ नेताओं और अधिकारियों को परेशानी हो सकती है।
कालाधन जमा करने वालों पर यह कड़ा प्रहार है। सर्जन हेमंत गुप्ता का कहना है कि थोड़ी और तैयारियों के साथ इसे लागू करने से कई परेशानियों से बचा जा सकता था। उन्होंने इसे देशहित में बेहतर कदम बताया। आईएमए से जुड़े कई अन्य चिकित्सकों ने भी बड़े नोट बंद होने का समर्थन किया। साथ ही नोट बदलने वालों को बैंक में स्याही लगाने के निर्णय की भी सराहना की।
500 के नोट आने पर मिलेगी राहत
2000 का नोट
शहर में एक हजार के नोट तो अधिकतर बैंकों में पहुंच गए हैं लेकिन, बुधवार तक 500 के नोट नहीं पहुंचे। जिसकी वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पीएनबी के सहायक महाप्रबंधक एके वर्णवाल का कहना है कि फिलहाल रुड़की में पांच सौ के नए नोट नहीं आए हैं। अभी इसमें एक-दो दिन का समय लग सकता है। पांच सौ के नोट आते ही एटीएम सुचारु हो जाएंगे। उसके बाद शहर में काफी हद तक स्थिति सामान्य हो जाएगी।